हत्यारोपी को गोरखपुर पेशी पर ले जाकर उसे होटल में प्रेमिका के साथ मौज मस्ती कराना जिले के तीनों सिपाहियों को भारी पड़ गया है। निलंबन के बाद मंगलवार को तीनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
हरदोई के देवरिया जनपद के गौरी बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पथरहट गांव निवासी कामेश्वर सिंह हत्या के आरोप में हरदोई जिला कारागार में बंद है। उसे हरदोई पुलिस लाइन में तैनात सिपाही आनंद सिंह यादव, अमन कुमार वर्मा और अभय कुमार सिंह पेशी पर देवरिया ले गए थे।
सोमवार को पेशी के बाद तीनों सिपाहियों ने कामेश्वर सिंह को गोरखपुर में रेलवे स्टेशन के निकट स्थित होटल में प्रेमिका के साथ मौज-मस्ती कराई थी। गोरखपुर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर सभी को पकड़ लिया था।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सोमवार रात ही तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। मंगलवार को पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक नियाज अहमद काजमी ने तीनों सिपाहियों के विरुद्ध शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि तीनों सिपाहियों को 17 नवंबर को कामेश्वर सिंह को अभिरक्षा में लेकर पेशी पर भेजा गया था। न्यायालय में पेशी के बाद सीधे इन लोगों को कामेश्वर सिंह को लेकर वापस आना चाहिए था, लेकिन सिपाहियों ने कामेश्वर सिंह से साठगांठ कर उसे भागने का पूरा मौका दिया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। इसे विभागीय अनुशासनहीनता भी माना गया है। शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस अभिरक्षा से फरार कराने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। तीनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।