चित्रकूट जिले में मऊ थाना अंतर्गत एक छात्रा ने छेड़छाड़ से तंग आकर खुदकुशी कर ली। थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने मदद के बजाय उनसे मारपीट की। इसी मामले में मंगलवार की देर रात जांच में दोषी पाए जाने पर एसपी ने थानाध्यक्ष, दीवान व सिपाही को निलंबित कर दिया है। रविवार को हाई स्कूल की छात्रा के खुदकुशी करने के बाद मामले की जानकारी देने मऊ थाने में छात्र के माता-पिता गए थे उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी से गांव के दो सगे भाई छेड़छाड़ करते हैं। इसी से तंग आकर उसने खुदकुशी कर ली है।
आरोप है कि मऊ थाने में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया उनकी शिकायत सुनने की बजाय उन्हें पीटा गया है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। मामला संज्ञान में आने पर डीआईजी चित्रकूट धाम मंडल ने जांच के आदेश दिए थे। इसी मामले ममें सीओ मऊ से जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना अध्यक्ष दीवान व सिपाही को दोषी पाया गया। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मऊ थाना अध्यक्ष अजीत पांडे, दीवान सुरेंद्र कुमार और सिपाही सौरभ को प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। गौरतलब है कि मऊ थाना क्षेत्र के एक गांव की हाई स्कूल की छात्रा ने रविवार की शाम को घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी को गांव के दो सगे भाई आए दिन छेड़खानी करते थे इसकी जांच के बाद एक आरोपी रंगी लाल को जेल भेज दिया गया है।
जबकि दूसरे आरोपी मुन्नीलाल की तलाश की जा रही है जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी रंगी लाल छात्र के साथ ही कॉलेज में पढ़ता था। बेटी के खुदकुशी करने के बाद उसके माता-पिता थाने में आरोपियों पर कार्रवाई करने की शिकायत लेकर पहुंचे थे पीड़ित दंपति ने बताया कि उनके साथ मारपीट की गई। उनका मोबाइल छीन कर पटक दिया गया और कुछ कागजात फाड़ दिए गए इसी मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।