बैंक प्रबंधन की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है। झमाझम बारिश के दौरान बुधवार को बैंक की दीवार गिरने से बाबाघाट सिविल लाइंस निवासी राधा उर्फ निधि पांडेय, रायपुरवा देवनगर निवासी रामस्वरूप गौड़ और बिरहाना रोड निवासी विनोद त्रिवेदी की मौत हो गई थी।
बेटियों के सिर से छिना मां का साया
नितिन त्रिवेदी ने बताया कि बहन राधा उर्फ निधि की तीन बेटियां छवि, सिद्धि और मुस्कान हैं। राधा के पति मनीष पांडेय प्राइवेट नौकरी करते हैं। बेटियों के सिर से मां का साया उठने से तीनों को रो-रोकर बुरा हाल रहा।
सड़क किनारे बेचते थे चूहा मारने की दवा
राम स्वरूप के पीछे उनकी पत्नी सीयाराम दुलारी, दो बेटे अनिल व सुनील हैं। सुनील ने बताया कि पिता इंडियन बैंक के पास चूहा और खटमल मारने की दवा बेचते थे। जिला प्रशासन की ओर से उनकी पत्नी सीयाराम दुलारी के खाते रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। विनोद कुमार त्रिवेदी कलेक्ट्रेट में तैनात थे। वह अविवाहित थे, लिहाजा उनकी बहन के खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
तीनों मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से प्रशासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं, घायलों की भी हर संभव मदद की जाएगी। -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व