फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोतवाली हादसा: परिजनों की चीत्कार से गूंजा पोस्टमार्टम हाउस, जब उठीं तीन अर्थियां, जानिए पूरा मामला

Thu, 04 Aug 2022 09:53 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक (पहले इलाहाबाद बैंक) की दीवार का कुछ हिस्सा बुधवार को बारिश के दौरान भरभराकर गिर गया था। इस हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगने से तीन लोगों की मौत हुई थी। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की आर्थिक मदद दी गई है।
विज्ञापन
कानपुर में बैंक की दीवार गिरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक की जर्जर चहारदीवारी के मलबे में दबकर महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। गुरुवार को एक साथ उनकी अर्थियां पोस्टमार्टम हाउस से उठते ही माहौल परिजनों की चीत्कार से गूंज उठा। पोस्टमार्टम में मौजूद हर शख्स की आंखें नम नजर आईं। 

विज्ञापन

तीनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। घायलों की स्थिति का आकलन कर उन्हें भी आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है। 

बैंक प्रबंधन की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है। झमाझम बारिश के दौरान बुधवार को बैंक की दीवार गिरने से बाबाघाट सिविल लाइंस निवासी राधा उर्फ निधि पांडेय, रायपुरवा देवनगर निवासी रामस्वरूप गौड़ और बिरहाना रोड निवासी विनोद त्रिवेदी की मौत हो गई थी।

बेटियों के सिर से छिना मां का साया 
नितिन त्रिवेदी ने बताया कि बहन राधा उर्फ निधि की तीन बेटियां छवि, सिद्धि और मुस्कान हैं। राधा के पति मनीष पांडेय प्राइवेट नौकरी करते हैं। बेटियों के सिर से मां का साया उठने से तीनों को रो-रोकर बुरा हाल रहा। 

सड़क किनारे बेचते थे चूहा मारने की दवा 
राम स्वरूप के पीछे उनकी पत्नी सीयाराम दुलारी, दो बेटे अनिल व सुनील हैं। सुनील ने बताया कि पिता इंडियन बैंक के पास चूहा और खटमल मारने की दवा बेचते थे। जिला प्रशासन की ओर से उनकी पत्नी सीयाराम दुलारी के खाते रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। विनोद कुमार त्रिवेदी कलेक्ट्रेट में तैनात थे। वह अविवाहित थे, लिहाजा उनकी बहन के खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। 
विज्ञापन

तीनों मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से प्रशासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं, घायलों की भी हर संभव मदद की जाएगी।  -राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें