कानपुर। जमीन बेचने का एग्रीमेंट करा कर 32 लाख रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में बाबूपुरवा थाने में डेढ़ माह पहले दर्ज की गई एफआईआर में तीन और आरोपियों का नाम शामिल किया गया है। इनमें किदवईनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर नारायण भदौरिया, प्रशांत सिंह और विद्यानंद पांडेय हैं। नारायण की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होगी।
अमन पटेल कांप्लेक्स, विष्णुपुरी दक्षिणी निवासी बृजेंद्रनाथ मिश्रा ने बीती दो मार्च को बाबूपुरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृजेंद्रनाथ के अनुसार उन्हें, वीरेंद्र दुबे, नफीस अहमद और चांद खान को जमीन बेचने के लिए अजीतगंज निवासी राकेश अवस्थी ने नौ नवंबर 2020 को रजिस्टर्ड एग्रीमेंट किया था। एग्रीमेंट के बाद राकेश अवस्थी ने तीन बार में उनसे 32 लाख रुपये लिए। बाद में एग्रीमेंट की गई जमीन को राकेश अवस्थी ने अजीतगंज निवासी शमशाद अली के माध्यम से किदवईनगर के नारायण सिंह भदौरिया को मई 2022 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया।
काफी समय बाद उन्हें जानकारी हुई कि जिस जमीन का एग्रीमेंट कर राकेश अवस्थी उनसे 32 लाख रुपये लिया है वह रामानंद गुप्ता और उनके वारिसों की है। इस पर उन्होंने राकेश अवस्थी से 32 लाख रुपये लौटाने को कहा। पैसा मांगने पर राकेश अवस्थी और शमशाद अली ने उन्हें धमकाया। बृजेंद्र नाथ द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्य के आधार पर बाबूपुरवा थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकाने के आरोप में राकेश अवस्थी और शमशाद अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इस संबंध में विवेचक महेंद्र सिंह ने बताया कि नारायण सिंह, प्रशांत सिंह और विद्यानंद पांडेय का नाम सामने आया है। साक्ष्य के आधार पर तीनों का नाम एफआईआर में शामिल किया गया है। अब पांच आरोपी हैं। शमशाद को जमानत मिल गई है। नारायण की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होनी है।