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...तब पिच पर झाड़ू लगवाना चाह रहे थे सटोरिए

Fri, 12 May 2017 12:55 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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कानपुर शहर में सटोरिए पहली बार नहीं दबोचे गए हैं। वर्ष 2008 में भारत और साउथ अफ्रीका के एक दिवसीय मैच के दौरान फीलखाना के एक होटल से चार सटोरियों को पकड़ा गया था। इनमें एक कानपुर का भी था। गैंग का सरगना मुकेश गुप्ता हाथ नहीं आया था। तत्कालीन एसओजी प्रभारी ने बताया कि भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला गया एक दिवसीय मैच में फिक्सिंग हुई थी।
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मैच के 12 दिन पहले दिल्ली और मुंबई के बुकी फीलखाना क्षेत्र के एक स्थित में आकर ठहर गए थे। तब होटल में छापामारकर लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत तमाम चीजे और नगदी मिली थी। पूछताछ में सटोरिए ने बताया था इंग्लैड में सट्टा खेलने पर पाबंदी नहीं है। वे लोग इंग्लैड की वेफेयर डॉट काम साइड देखकर ही सट्टा का भाव तय करते हैं। वहां लोग मैच फिक्सिंग में उनकी मदद भी करते हैं। तब भारतीय टीम की जीत सट्टा हुआ था।

साउथ अफ्रीका 125 रन बनाकर आउट हो गई थी और भारत जीत गया था। सटोरियों ने बताया था कि उन लोगों ने पिच पर झाड़ू लगवाने के लिए एक कर्मचारी को पांच लाख रुपये का लालच दिया था, लेकिन वह राजी नहीं हुआ था। यदि वह पिच पर झाड़ू लगा देता तो पिच कम टर्न लेती। इससे साउथ अफ्रीका टीम और कम रन बनाती। भारतीय टीम के कप्तान अजहरुद्दीन पर बुकी मुकेश गुप्ता को साउथ अफ्रीका टीम के खिलाड़ी हैंसी क्रोनिए से होटल लैंडमार्क में मुलाकात कराने का आरोप लगा था। इस मामले की जांच बीसीसीआई ने भी अपने स्तर पर कराई थी। मामले में हाल में ही अजहरुद्दीन को क्लीन चिट मिली है।
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200 से कम रन बनने को डलवाया था पानी
नयन रमेश शाह ने पुलिस को बताया कि बुकी चाहते थे कि ग्रीन पार्क की पिच पर 200 से कम रन बने। इसके लिए उसने कर्मचारी रमेश कुमार से सेंटिग की थी। उसके जरिए ही पिच पर कई बार पानी डलवाया था। पिच में नमी के चलते वह अपने लक्ष्य को पाने में सफल रहा है।
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