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Kanpur News: महंगाई की चपेट में जिले के तीन लाख वाहन स्वामी

Sun, 17 May 2026 01:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने जिले के 3, 09, 954 वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार की रात से बढ़े दामों के बाद पेट्रोल 94.55 रुपये से बढ़कर 97.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.63 से बढ़कर 90.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। अप्रैल 2022 के बाद अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी का पूरा बजट बिगाड़ दिया है। जनपद में प्रति दिन करीब 114 किलो लीटर पेट्रोल व 455 किलो लीटर डीजल की खपत होती है।
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पहले से ही रसोई गैस, बिजली और खाद्य पदार्थों की महंगाई ने कमर तोड़ रखी थी, अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों ने हालात और खराब कर दिए हैं। नतीजतन ऑटो चालक, छोटे व्यापारी, डिलीवरी बॉय और नौकरीपेशा लोग अतिरिक्त बोझ उठाने को मजबूर होंगे। यानी दाम बढ़ने के साथ ही रोजाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधे जनता की जेब से निकलेगा। पेट्रोल में सबसे ज्यादा बिक्री इंडियन ऑयल के पेट्रोल 42 किलो लीटर की होती है। जबकि डीजल की खपत 130 किलो लीटर प्रति दिन की है। वहीं डीजल में सबसे ज्यादा खपत हिंदुस्तान पेट्रोलियम की 142 किलो लीटर और पेट्रोल 25 किलो लीटर है। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम के पंपों से डीजल की खपत 90 किलो लीटर व पेट्रोल की 30 किलो लीटर बिक्री प्रति दिन होती है। रिलाइंस जियो के पंपों से पेट्रोल 15 व डीजल 89 किलो लीटर और नायरा के पंपों से डीजल चार किलो लीटर डीजल व करीब दो किलो लीटर पेट्रोल की बिक्री प्रति दिन होती है।
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5000 सीएनजी वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें
कानपुर देहात। नगर में करीब 5000 वाहन सीएनजी से संचालित है। इनमें ऑटो, स्कूल वैन, कारें और छोटे व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। प्रतिदिन करीब चार हजार किलो ग्राम सीएनजी की खपत है। करीब तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों की जेब से रोजाना लगभग 12 हजार रुपये अतिरिक्त निकलेगा। दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों पर पड़ेगा। ऑटो चालकों के मुताबिक दाम बढ़ने से प्रतिदिन 20 से 30 रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा। (संवाद)
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डीजल पेट्रोल मंहगा होने से लोगों पर बड़ेगा बोझ

राजपुर। पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। तेल की कीमतों में उछाल के बाद अब माल भाड़ा बढ़ने और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम चढ़ने की आशंका है। जहां कारोबारी इसे बाजार के लिए नुकसानदायक मान रहे हैं वहीं वाहन चालकों में नाराजगी है। इससे वाहन स्वामी के अलावा मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढेगी। इससे दूसरे जिलों से आने वाले राशन, सब्जी और अन्य सामान की कीमतें बढ़ना तय है। टैक्सी संचालकों का कहना है कि किराया हाल ही में बढ़ाया गया है। दोबारा किराया बढ़ाना संभव नहीं होने से पूरी मार वाहन चालक और मालिकों पर पड़ेगी। संवाद
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ईंधन के दाम बढ़ने से उद्योग के सामने नया संकटडीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से उद्योग के सामने नया संकट आ गया है। पहले से ही उत्पादन 30-40 प्रतिशत के स्तर पर था। अगर माल-भाड़ा बढ़ा, तो कारोबार में अधिक परेशानी आ जाएगी। - सुशील सिंह, उद्यमी
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सप्लाई चेन प्रभावित होने से कारोबार में समस्या
उद्योग में उपयोग के लिए आने वाले कच्चे माल के दाम अभी भी बहुत तेज हैं। माल-भाड़ा बढ़ने से पूरी सप्लाई चेन पर व्यापक असर पड़ेगा। पहले से ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा, अब और समस्या होगी। - विनोद तिवारी, उद्यमी
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माल भाड़ा बढ़ाना मजबूरी, खर्च निकलना मुश्किल
तेल कंपनियों ने डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाए हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर चर्चा किए जाने की तैयारी है। माल-भाड़ा में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा सकती है। जल्द ही नई दरों से लोडिंग की जाएगी। - पवन शुक्ला, ट्रांसपोर्टर
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बस संचालकों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ, बढ़ाना होगा किराया
डीजल व पेट्रोल की कीमत में अचानक आई तेजी का व्यापक असर देखने को मिलेगा। बसों के संचालन में समस्या हो रही है, ऐसे में अतिरिक्त बोझ से बचने के लिए किराए में बढ़ोतरी करने पर विचार किया जा रहा है। - सुबोध अवस्थी, निजी बस संचालक
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ऑटो का खर्च अधिक और किराया कम
सीएनजी के दाम में इससे पहले अप्रैल में बढ़ोतरी हुई थी। तब तो किराए में बदलाव नहीं किया गया था। लगातार दूसरी बार रेट बढ़ाए जाने से बचत निकलाना भी मुश्किल होगा। अब किराया बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। - गोलू तिवारी, ऑटो चालक
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किराये के दर में करनी होगी बढ़ोतरी
सीएनजी के दाम बढ़ने से वाहन स्वामियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। अभी तो सवारियों को पुराने रेट पर ही गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इससे ऑटो का खर्च नहीं निकल पाएगा। किराए की दर में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। - कामिल, ऑटो चालक
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कारोबार के लिए नहीं है अच्छी स्थिति
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से सीधा असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा। माल भाड़ा महंगा होगा तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ेगी, जिसका सीधा लोड आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। कारोबार के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं है। - अवध विश्नोई , व्यापारी
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महंगाई ने पहले ही तोड़ी आमजन की कमर
महंगाई ने पहले ही लोगों की कमर तोड़ रखी है। अब पेट्रोल डीजल महंगा होने से हर सामान के दाम बढ़ेंगे। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है, जिसका असर व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा। - वीर सिंह, लोहा व्यापारी
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महिलाओं के सामने किचन चलाने का संकट
खाद्य सामग्रियों के बढ़ेगे दाम
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का सीधा असर रसोई पर पडे़गा। भाड़ा बढ़ने से खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ जाएंगे। अब सब्जी और राशन भी सोच-समझ कर खरीदना होगा। - अकांक्षा द्विवेदी, गृहिणी
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स्कूली वाहन का बढ़ेगा किराया
ईंधन के दाम बढ़ते ही स्कूल वाहन का किराया बढ़ जाएगा। आय में तो बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन पढ़ाई महंगी हो जाएगी। बच्चों की पढ़ाई और रसोई का मैनेजमेंट चुनौती है। - सन्नो कुशवाहा, गृहिणी
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