कानपुर में डेंगू के साथ मलेरिया और वायरल हेपेटाइटिस के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। रविवार को डेंगू के एक संदिग्ध समेत तीन रोगियों की मौत हो गई। इनमें दो रोगी वायरल हेपेटाइटिस के थे। लिवर खराब होने के साथ सांस तंत्र फेल होने से मौत हुई।
उर्सला और हैलट के वार्डों में वायरल फीवर के मरीज भरे पड़े हैं। सामान्य वायरल फीवर के रोगियों में सांस तंत्र फेल होने तथा लिवर व गुर्दे खराब होने के गंभीर लक्षण उभर आ रहे हैं। रविवार शाम डेंगू के लक्षणों के साथ उर्सला आए झाड़ी बाबा क्षेत्र के राम विशाल (42) की मौत हो गई।
डॉक्टरों ने दवा देने के साथ ब्लड की जांच कराई थी। रिपोर्ट से पहले ही मरीज ने दम तोड़ दिया। वहीं नवाबगंज के अनुपम कश्यप (52) और कल्याणपुर के विनोद (48) की लिवर हेपेटाइटिस से मौत हो गई।
लिवर हेपेटाइटिस के बाद सांस की दिक्कत पैदा हो गई। दोनों मरीजों का इलाज कल्याणपुर क्षेत्र के अलग-अलग नर्सिंगहोम में हो रहा था। हैलट के डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि टायफायड, डायरिया और गैस्ट्राइटिस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।