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Kanpur News: निलंबित पार्षदों के समर्थन में आए तीन पार्षद, बोले- सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जाता

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कानपुर। नगर निगम सदन से भाजपा पार्षद पवन गुप्ता और अंकित मौर्या के निलंबन का सत्ताधारी दल के तीन पार्षदों विरोध किया है। उनका कहना है कि अगर सदन में बोलने का मौका नहीं दिया गया तो जनता की आवाज कैसे उठाएंगे। पार्टी की भी बदनामी होती है।
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वार्ड 38 से भाजपा पार्षद हरि स्वरूप तिवारी निक्कू ने बताया कि जनता ने 1017 वोट से जिताकर सदन भेजा है। निगम से विकास कार्यों की फाइल गायब हो जाती और विपक्ष के पार्षदों को काम मिलता है। बारादेवी मंदिर और पांच मलिन बस्तियों में सीवर लाइन बिछाने की बात सदन में रखी तो छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया। इस वजह से वार्ड में जनता के काम नहीं हो पा रहे हैं। वार्ड 10 बेनाझाबर की पार्षद लक्ष्मी कोरी ने बताया कि नेता सदन नवीन पंडित के कहने पर वार्ड 31 के पार्षद पवन गुप्ता और वार्ड चार के पार्षद अंकित मौर्या को निलंबित कर दिया था।
महापौर ने प्रस्ताव पास करने के बाद अंकित को बोलने के लिए कहा था लेकिन नेता सदन नवीन पंडित ने बोलने नहीं दिया। हम लोग सदन का इंतजार करते रहते हैं। अगर यहां भी इस तरह की कार्रवाई होगी तो अपनी बात बोलने में डर रहेगा। वार्ड पांच जवाहरनगर के पार्षद आलोक पांडेय ने बताया कि सत्तादल का होने के चलते जनता के प्रति हमारी जवाबदेही ज्यादा है। सदन में वंदे मातरम नियम के अनुसार नहीं हुआ था। नगर आयुक्त से बैठक की सीडी मांगी गई है। आने के बाद वैद्यानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विपक्ष को मजबूत करने के लिए सदन में काम किया जा रहा है। कांग्रेस पार्षद से प्यार भाजपा से इन्कार, यही सदन में हो रहा है। जनप्रतिनिधि को सदन में न बोलने देना लोकतंत्र की हत्या है। यह कई बार हो चुका है।
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