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तीन एजेंसियां हुई डिबार, जिले के पांच धान क्रय केंद्र रद

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कानपुर देहात। उपज खरीद के लिए फंड उपलब्ध नहीं होने और पूर्व की देनदारियां होने की वजह से यूपी स्टेट एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम व यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ को सरकारी खरीद से बाहर कर दिया गया है। डिबार होने की वजह से जिले में पांच क्रय केंद रद हो गए हैं। अब इन स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने के लिए अन्य एजेंसी प्रस्ताव देंगी इसमें संशय बना है। अब रद क्रय केंद्रों के आसपास गांवों के किसान धान बिक्री के लिए भागदौड़ की आशंका से परेशान हैं।
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खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए धान की सरकारी खरीद के लिए आठ एजेंसियों ने प्रस्ताव दिए थे। 1 सितंबर को डीएम ने कुल 38 क्रय केंद्रों का अनुमोदन किया था। हालांकि धान की खरीद 1 नवंबर से होनी है, लेकिन इन एजेंसियों को अनुमोदन के अनुसार ही चिह्नित स्थानों पर क्रय केंद्र खोलने को कहा गया था। इधर अब तक उधार लेकर खाद्यान्न की सरकारी खरीद कर रही यूपी स्टेट एग्रो, कर्मचारी कल्याण निगम व यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ को राज्य सरकार ने डिबार कर दिया। खुद का फंड न होने व पूर्व में की गई खाद्यान्न खरीद की देनदारी साफ नहीं होने पर यह कदम उठाया गया है। इससे अब यूपी स्टेट एग्रो का मैथा में नेवादा देवराज, रसूलाबाद में जीतापुरवा व नगला भगत और कर्मचारी कल्याण निगम का डेरापुर में सुनाथा व रसूलाबाद में राना इटाहा क्रय केंद्र रद हो गए हैं। प्रस्ताव नहीं देने पर यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ का कोई क्रय केंद्र अनुमोदन नहीं हुआ है। अब जिले में अनुमोदन वाले 33 क्रय केंद्र हैं।
फंड की कमी और पूर्व की उधारी को लेकर तीन क्रय एजेंसियां डिबार की गई है। जिले के पांच क्रय केंद्रों को रद कर दिया गया है। यूपी उपभोक्ता सहकारी संघ की ओर से सारी देनदारियां चुकाने की बात कही गई है। इससे उम्मीद है कि सरकारी धान खरीद में इसे शामिल किया जाए। अभी नेशनल कंज्यूमर कोऑपरेटिव फेडरेशन की ओर से क्रय केंद्र खोलने के प्रस्ताव आने की उम्मीद है।
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-शिशिर कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
पिछले वर्ष बने थे 59 क्रय केंद्र
धान की सरकारी खरीद के लिए पिछले वर्ष 59 क्रय केंद्र बनाए गए थे। खरीद का कुल लक्ष्य 94 हजार मीट्रिक टन था। इसपर 88 हजार 95 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। विपणन वर्ष 2020-21 के लिए अभी धान खरीद का लक्ष्य आवंटित नहीं हो सका है। धान खरीद के लिए इस बार सामान्य धान के लिए 1868 रुपये और ग्रेड ए धान के लिए 1888 रुपये समर्थन मूल्य रखा गया है। पिछले वर्ष के समर्थन मूल्य में इस बार 53 रुपये की वृद्धि की गई है।
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