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ये है बच्चों की परवरिश का सबसे सही तरीका, जानें नौनिहालों को कुपोषण से दूर करने के उपाय

Wed, 25 Jul 2018 03:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

-‘पहला कौर कन्या का’ ने बेटियों की सेहत सुधारी
-साल भर के बजाए हर महीने मनाया वजन दिवस
 
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बच्चों को अति कुपोषित श्रेणी से बचाने के लिए नुस्खे बहुत सरल हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) अनामिका सिंह ने यह साबित कर दिया।
 
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सादे दाल-चावल में सिर्फ एक चम्मच कड़ुवा तेल मिलाकर खिलाने से बच्चों का कुपोषण कम हो गया। मंगलवार को बाल विकास एवं पुष्टाहार शहर-दो के एचबीटीयू के स्टेप सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीडीपीओ के नए प्रयोगों और नवाचारों के संबंध में बताया गया।
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नवाबगंज, ग्वालटोली जैसे क्षेत्रों में अप्रैल, वर्ष 2017 में अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1600 रही है। इस वक्त इन क्षेत्रों में 350 कुपोषित बच्चे हैं। तिवारीघाट, गुड़ियाना, भैरोंघाट समेत 13 केंद्र कुपोषण मुक्त हैं। ब्लाक के ढाई सौ केंद्रों में 134 ऐसे हैं जहां एक-एक कुपोषित बच्चा है। सीडीपीओ अनामिका सिंह ने बताया कि उन्होंने हर महीने वजन दिवस मनाया।
 
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बच्चों के खानपान पर ध्यान दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व महिलाओं के साथ मिलकर ‘पहला कौर कन्या का’ कार्यक्रम शुरू किया। 22 मार्च को दही, जलेबी खिलाकर इसकी शुरुआत हुई। बाद में लोगों को पसंद आया तो नवरात्र में बेटियों को नौ के बजाए 15 दिन तक लोग भोजन कराते रहे। दस्तक प्रोग्राम से जागरुकता फैलाई गई। मुख्य अतिथि विधायक महेश त्रिवेदी और जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने सीडीपीओ की तारीफ की। 
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