उन्नाव जिले में अगले वित्तीय वर्ष में ग्रामीणों को कृषि कार्य से इतर रोजगार दिलाने के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने भारीभरकम लेबर बजट तैयार किया है। इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। सरकार ने इसे मंजूरी दी तो गांव के मनरेगा जॉबकार्डधारकों को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जॉबकार्डधारक को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। एक दिन के काम को एक मानव दिवस के रूप में जोड़ा जाता है। केंद्र सरकार के आदेश पर ग्राम्य विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए अभी से लेबर बजट तैयार किया है।