मुलायम सिंह यादव की साली कल्पना गुप्ता और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू दीपा कोविंद
यूपी निकाय चुनावों के नतीजों में राजनीति के गलियारों में अपना रसूख बनाए रखने वाले कई चिरपरिचित चेहरे अपनी साख बचाने में असफल रहे।
जानें ऐसे बड़े चेहरों के बारे में...
मुलायम की साली कल्पना हारीं
औरैया बिधूना से मुलायम सिंह की साली कल्पना गुप्ता को हार का सामना करना पड़ा है। बिधूना नगर पंचायत से सपा से टिकट न मिलने पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की साली कल्पना गुप्ता ने सपा से बगावत कर दी थी। उन्होंने निर्दलीय अपना नामांकन दाखिल करा दिया था। उनके साथ तमाम समर्थक थे। कल्पना गुप्ता ने तब कहा था कि मुलायम सिंह का आशीर्वाद उनके साथ है। विधानसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव के साढ़ू प्रमोद कुमार गुप्ता एलएस का सिटिंग विधायक होते हुए भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टिकट काट दिया था। उस समय काफी विवाद रहा।
इस सीट से नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर अमित बाथम (लाल्टू) ने जीत हासिल की है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू को करना पड़ा हार का सामना
जनपद कानपुर देहात से झिंझक नगर पालिका से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की भतीज बहू दीपा कोविंद को करारी हार झेलनी पड़ी है। यहां से बसपा की सरोजिनी संखवार ने जीत हासिल कर ली है। भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज दीपा कोविंद ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। दीपा कोविंद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की भतीज बहू हैं। उन्होंने कानपुर देहात के झींझक नगर पालिका परिषद के चेयरमैन का निर्दलीय नामांकन कराया। दीपा कोविंद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भतीजे पंकज कोविंद की पत्नी हैं। पकंज ने पत्नी की टिकट कटने पर कहा था कि उनके साथ बीजेपी ने ठीक नहीं किया। उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से कड़ी मेहनत की। उन्हें विश्वास था कि उनकी पत्नी को बीजेपी प्रत्याशी बनाएगी। जब बीजेपी की लिस्ट आ गई तो उन्हें झटका लगा। उनकी पत्नी का नाम लिस्ट में नहीं था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है न तो पार्टी के लोग उसे जानते हैं न ही लोगों के बीच उसकी कोई पहचान है।