कानपुर के हैलट परिसर में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर की छत पर दो हेलीपैड होंगे। हाईवे पर होने वाले हादसों के घायलों को लिफ्ट करके एयर एंबुलेंस सीधे ट्रॉमा सेंटर पहुंचा देंगी। घायलों को दो-चार मिनट में मॉड्यूलर ओटी पहुंचा दिया जाएगा। ट्रॉमा सेंटर के छठवें फ्लोर पर मॉड्यूलर ओटी रखी गई है। इसी फ्लोर की छत पर एयर एंबुलेंस उतरेगी। शनिवार को कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों ने ट्रॉमा सेंटर के स्थल का जायजा लिया। जल्द ही ट्रॉमा सेंटर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
न्यूरो साइंसेज प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि यह प्रदेश का पहला एपेक्स ट्रॉमा सेंटर है। निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है। 11 को शासन के योजना विभाग में एपेक्स ट्रॉमा सेंटर को लेकर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में बैठक है। लोक निर्माण विभाग कार्यदायी संस्था है। इसमें घायलों के इलाज के साथ ही शिक्षण कार्य भी होगा। सेंटर में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स एमडी और एमएस की डिग्री भी दी जाएगी।
इसके साथ ही दो नए विभाग इसमें खुलेंगे। सेंटर में ट्रॉमाटोलॉजी सर्जरी और इमरजेंसी मेडिसिन नए विभाग संचालित किए जाएंगे। ट्रॉमाटोलॉजी सर्जरी विशेषज्ञता की पढ़ाई अभी देश में दो-चार चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में ही की जाती है। कोर्स संचालित होने पर उनके विशेषज्ञ बढ़ेंगे। इसके साथ ही सेंटर में दो बेसमेंट रहेंगे। सड़क मार्ग से आने वाले वाहन सीधे बेसमेंट में घायल को लेकर आएंगे, उन्हें सीधे इंटेसिंव केयर में ले लिया जाएगा।