कानपुर। भाऊनगर स्टेशन के पहले जनसाधारण एक्सप्रेस के दो कोच बेपटरी होने के मामले में जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रणजीव सक्सेना ने प्रयागराज में बयान दर्ज करने शुरू किए। पहले दिन भाऊपुर व पनकीधाम स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों, सहायक स्टेशन मास्टरों, पाइंट्समैन व सीएलआई कर्मियों के बयान दर्ज कर पूछताछ की। बाकी के बयान बुधवार को होंगे। मामले में 120 अफसरों व कर्मियों के बयान घटना की वजह बताएंगे।
पहले दिन की जांच में ट्रैक के चेंज प्वाइंट (मुख्य से लूप लाइन पर ले जाने वाले प्वाइंट) में खामी की बात आ रही है। ट्रेन गुजरने से एक घंटा पहले ही ट्रैक की मरम्मत में कोई कमी होने की भी आशंका है। फिटनेस रिपोर्ट देने वालों को भी जांच में शामिल किया गया है। पहले दिन पूछताछ में सीआरएस ने हादसे के समय की परिस्थितियों, सिग्नल सिस्टम की कार्यप्रणाली, पाइंट सेटिंग व ट्रेन परिचालन के नियमों पर विस्तार से जानकारी ली।
गार्ड, चालक व लोको इंस्पेक्टर ने कहा था कि मेन से लूपलाइन में इंजन के प्रवेश करने के बाद खड़खड़ाहट की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद इंजन का प्रेशर लो होने लगा था। नापजोख में कोच और चक्के फिट मिले। ट्रैक की मरम्मत के साथ ही मुख्य से लूप लाइन बदलते समय पाइंट की खामी हादसे की वजह हो सकती है। दुर्घटनास्थल पर एक घंटा पहले ही ट्रैक की मरम्मत हुई थी।
ट्रेन बेपटरी होने से 20 मिनट पहले तक इस ट्रैक पर मरम्मत कार्य चल रहा था। मेंटीनेंस के बाद फिटनेस की रिपोर्ट किसने दी, इसकी भी जांच की जा रही है। हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड 20 किमी थी, इस गति में ट्रेन संचालन की वजह क्या थी। इसके अलावा, कमेटी ट्रेन की पेट्रोलिंग पर भी जानकारी हासिल कर रही है।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त के समक्ष अभी घटना से जुड़े सभी लोगों के बयान नहीं दर्ज हो सके हैं। बुधवार को भी बयान होंगे, उसके बाद सीआरएस अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
-शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ, उत्तर-मध्य रेलवे