फोटो 12 डीएचटीबीएलआरपी 5 परिचय- चौबेपुर में सूखा पड़ा रजबहा
रजबहों में पानी नहीं, धान की फसल सूखने की कगार पर
किसानों ने रजबहों में तत्काल पानी छोड़े जाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चौबेपुर (बिल्हौर)। क्षेत्र स्थित रजबहों में लंबे समय से पानी न छोड़े जाने से किसान फसलों की सिंचाई को लेकर परेशान हैं। इधर सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूखने की कगार पर है। परेशान किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों से रजबहों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की गुहार लगाई है।
मालूम हो कि क्षेत्र में बीते कई दिनों से बारिश न होने से खरीफ की मुख्य फसल धान अब सूखने की कगार पर है। संपन्न किसान तो किसी तरह पंपिंग सेट के सहारे फसल की सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन छोटे किसानों के लिए मंहगे डीजल के चलते पंपिंग सेट से फसल की सिंचाई कराना मुश्किल है। ऐसे में ज्यादातर किसान रजबहों के पानी पर ही आश्रित हैं। चंदिका गांव के पप्पू सिंह, रतन सिंह व महेंद्र, चंपतपुर के शिवकुमार कुशवाहा, रामभरोसे, कुर्मीखेड़ा गांव के रामसनेही कटियार, सुरेश चंद्र, नवीन कटियार, हृदयपुर गांव के नंदन सिंह शिवसिंह, मालौं के गुड्डू मिश्रा, राजेंद्र, श्यामू त्रिवेदी आदि किसानों ने बताया कि धान की फसल के लिए इस समय पानी की बेहद जरूरत है। बारिश न होने से फसल सूखने की स्थिति में है। रजबहों के सहारे ही सिंचाई कर फसल बचाई जा सकती है। बताया कि क्षेत्र स्थित जगतपुर रजबहा हो अथवा टकटौली रजबहा या फिर शिवराजपुर रजबहा, ये सभी रजबहे लंबे समय से सूखे पड़े हैं। सफाई के अभाव में इन रजबहों में बड़ा-बड़ा खरपतवार उग आया है। किसानों का कहना है कि यदि शीघ्र सफाई करके रजबहों में पानी न छोड़ा गया तो धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो जाएगी। समस्या को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय किसानों ने रजबहों में यथाशीघ्र पानी छोड़े जाने की गुहार लगाई है।