कानपुर। महिला शिक्षा मंडल की ओर से गुरुवार को राजस्थान भवन कराचीखाना में 77वां गीता ज्ञान यज्ञ और वार्षिक अधिवेशन हुआ। संत समागम और श्रीराम कथामृत वर्षा के साथ इसका समापन किया गया। यहां इंदौर से आए स्वामी नारायणानंद महाराज ने कहा कि जैसे नमक पानी में घुलकर एक हो जाता है, वैसे ही भक्त भी परमात्मा में लीन हो जाता है। जीव और ब्रह्म में कोई भेद नहीं होता है जैसे लहर से पानी या कपड़े से कपास अलग नहीं होती।
वृंदावन से आए स्वामी जगदीश्वरानंद महाराज ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब जीवन में कठिनाइयां आएं तो यह भी नहीं रहेगा के मंत्र को स्मरण करना चाहिए। कथा व्यास दीपक कृष्ण ने श्रीराम राज्याभिषेक प्रसंग का वर्णन किया। अंत में सभी संत-महात्माओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान राधाकृष्ण अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, राम अग्रवाल, मंजू ने भक्तों में प्रसाद वितरण किया। संचालन डॉ. ब्रजबाला सिंघल, मीरा गर्ग व अधिवक्ता अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया। मौके पर गीता अग्रवाल, जानकी गुप्ता, मधु गुप्ता, मीना गर्ग, हीरा अवस्थी, नीति गुप्ता, ज्योति गुप्ता, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। (संवाद)