कानपुर देहात। ठंड का मौसम शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में दिन और रात में घना कोहरा रहने का अंदेशा है। इस दौरान हादसे होने भी तय हैं, क्योंकि लालपुर ब्लैक स्पॉट में स्ट्रीट लाइट नहीं जलती,जबकि अकबरपुर में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ही नहीं है।
जिले में मार्च से लेकर अब तक 242 लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई है। इसमें 60 फीसदी हादसे जिले के 18 ब्लैक स्पॉट में हुए हैं। इन हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा रहा और आए दिन हादसे हो रहे हैं। बुधवार को कानपुर-झांसी हाईवे के लालपुर ब्लॉक स्पॉट की पड़ताल की तो हाईवे पर ही एक के बाद एक छह ट्रक सड़क पर खड़े थे। इस वजह से सड़क की चौड़ाई कम हो गई। जबकि सर्विस रोड पर दुकानदारों का कब्जा था। सड़क पर कैट आई, संकेतांक, सूचना बोर्ड सहित अन्य व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से वाहन सवार भी तेजी से निकल रहे थे। इसी तरह अकबरपुर थाने के सामने ब्लॉक स्पॉट में एनएचएआई की ओर से डिवाइडर में कुछ जगह पर लोहे के जाल लगाए हुए थे, लेकिन जिस जगह जाल नहीं लगा था। उस डिवाइडर से लोग बाइक से आवाजाही करते दिखाई दिए। यहां पर भी संकेतांक, सूचना बोर्ड, कैट आई सहित अन्य व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा लालपुर में लगी स्ट्रीट लाइट अक्सर बंद रहती है। आसपास के लोगों ने बताया कि लाइट बंद रहने की वजह से सड़क पार करने में दिक्कत होती है। इसी तरह अकबरपुर थान के सामने डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगी ही नहीं है। इसके चलते सड़क पार करते वक्त रात में वाहन सवार को व्यक्ति और जानवर दिखता नहीं और हादसा हो जाता है। अब ठंड के मौसम में सुबह और रात में घना कोहरा रहेगा। अगर दोनों जगहों पर ही स्थिति रही तो हादसा होना तय है।
एनएचएआई सीमा में जिन स्थानों पर लाइट व संकेतांक आदि की समस्या है। इसके लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। एक दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएगी। वैसे तो ब्लैक स्पॉट पर संकेतांक व सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं।
- अर्जुन डांगे, एनएचएआई मैनेजर