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सिपाही के घर बदमाशों का धावा, 8 लाख के जेवर नगदी समेत पिस्टल और 31 कारतूस भी ले गए

Wed, 10 Oct 2018 09:28 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस, लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के जालौन जिले में रामपुरा थाना क्षेत्र में नकाबपोश बदमाशों ने सिपाही के घर धावा बोलकर लाखों की जेवर नगदी और लाइसेंसी पिस्टल पार कर दी। पिस्टल के साथ 31 कारतूस भी साथ ले गए। घटना की जानकारी होने पर सिपाही के पिता ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर फोरेंसिक टीम, एएसपी सुरेंद्र नाथ तिवारी और सीओ गिरीश कुमार सिंह भी पहुंचे। एएसपी का कहना है कि कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। घटना के खुलासे का प्रयास किया जाएगा। इलाकाई लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्याप्त है।   
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उमरी कस्बा निवासी किसान राम सजीवन अपने तीसरे नंबर के बेटे रमाकांत और पत्नी लक्ष्मी देवी के साथ रहते हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा दीपक ललितपुर में सिपाही है, और दूसरे नंबर का बेटा कुलदीप बलरामपुर में पैरामिलिट्री फोर्स में जवान है। दो बेटे दोनों पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहते हैं। राम सजीवन ने बताया कि मंगलवार की रात करीब दो बजे पत्नी लक्ष्मी की आंख खुली तो उन्होंने देखा कि पीछे वाले कमरे के पास चार नकाबपोश लोग उनके ही घर का बक्सा लिए खड़े हैं। इससे पहले कि लक्ष्मी शोर मचाती, चारों बदमाश पीछे के ही रास्ते से माधौगढ़ को जाने वाली रोड की ओर भाग निकले। राम सजीवन ने ग्रामीणों और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

राम सजीवन ने बताया कि बक्से में 18 से 20 तोला सोने चांदी के जेवर, जिनमें सात अंगूठी, चेन, मटर माला, कमरपेटी, हार, मंगलसूत्र, कान के तीन चार जोड़ी बाले शामिल हैं, के अलावा करीब सवा लाख रुपये नगद थे। बक्से में कुलदीप के नाम के लाइसेंस की पिस्टल और उसके 31 कारतूस भी थे। दूसरे बक्से में रखे 45 हजार रुपये भी नदारद थे। कुल मिलाकर बदमाश आठ लाख की जेवर-नगदी ले गए हैं। पुलिस ने रात में बदमाशों को तलाशने का कोई प्रयास नहीं किया। बुधवार की सुबह मौके पर फोरेंसिक और सीओ भी पहुंच तब सजीवन से तहरीर ली गई। पुलिस को माधौगढ़ रोड के पास ही खाली बक्सा मिला। फोरेंसिक टीम ने बक्से से कुछ फिंगर प्रिंट भी लिए। इसके बाद दोपहर के वक्त स्वयं अपर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले के जल्द खुलासे की बात कही है। वहीं कस्बे के लोगों का कहना है कि क्षेत्र की दिन में ही नहीं दिखाई देती है, फिर रात गश्त की कौन कहे। इससे भी चोर, बदमाशों के हौसले बढ़े हुए हैं।     
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लापता असलहे पुलिस के लिए चुनौती, वारदात में किसी करीबी का हाथ 

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस, लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
 200 मीटर की दूरी पर चौकी 
राम सजीवन के घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर ही उमरी चौकी भी है। इसके अलावा मकान के ठीक पीछे ही माधौगढ़ रोड भी लगी है। जहां से पूरी रात मौरंग के ओवरलोड ट्रक निकला करते हैं। इलाकाई लोगों का कहना है कि पुलिस की गाड़ी सिर्फ ओवरलोड ट्रकों से वसूली के लिए रोड पर दिखाई देती है। पुलिस का रात की गश्त से कोई सरोकार नहीं है।  पुलिस कस्बे के कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है, वहीं पुलिस का प्रयास है कि लक्ष्मी के बताए अनुसार बदमाशों का स्केच भी बनवाया जा सके। उंगलियों के निशान से भी संदिग्धों की उंगलियों से मिलाए जाएंगे। कुछ नंबरों को भी सर्विलांस में लगाया जाएगा।  

लापता असलहे पुलिस के लिए चुनौती 
जनपद में कई चोरी की घटनाओं में असलहे भी चोर समेट ले गए हैं। कैलिया थाने में साल भर पहले रायफल चोरी हुई थी, सात साल पूर्व नदीगांव से रिवाल्वर चोरी और अब रामपुरा से पिस्टल चोरी हुई है। पुलिस चोरी गए असलहों को तलाशने में नाकाम रही है। चोरी गए असलहे कहां और किसके हाथ में है, पुलिस अभी तक कुछ पता नहीं लगा सकी।

वारदात में किसी करीबी का हाथ 
पुलिस सूत्रों की मानें तो वारदात के पीछे किसी करीबी के हाथ होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योकि बदमाश सिर्फ उसी कमरे में घुसे जहां पर बक्से रखे थे। इसके अलावा बदमाशों ने दो बक्सों के अलावा और किसी सामान को छुआ भी नहीं। इतना ही नहीं बदमाशों ने भागने के लिए पहले ही पीछे का रास्ता भी चुन रखा था। राम सजीवन की मानें तो बदमाशों ने दो घंटे के भीतर ही माल साफ किया है, क्योंकि बेटा रमाकांत बाहर किसी काम से गया हुआ था तो पति-पत्नी करीब देर रात 12 बजे के आसपास सोए थे। जब पत्नी लक्ष्मी की आंख खुली तो उस वक्त रात के लगभग दो बजे थे।  
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