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Kanpur: डेंगू का सबसे बिगड़ैल स्ट्रेन डेन-2 कर रहा बीमार, 75 फीसदी रोगियों में नहीं उभरते लक्षण, ऐसे करें बचाव

Thu, 19 Oct 2023 01:04 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News Today: उर्सला के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. मुन्नालाल ने बताया कि डेन-2 संक्रमण का फैलाव प्रदेश में अधिक है। 90 फीसदी डेंगू संक्रमित इस स्ट्रेन से प्रभावित होते हैं। 70 फीसदी संक्रमितों में लक्षण नहीं आते। पांच से 10 फीसदी में जटिल लक्षण उभरते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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Kanpur News: कानपुर में डेंगू वायरस के घराने का सबसे बिगड़ैल सदस्य डेन-2 का संक्रमण शहर में फैला हुआ है। सबसे अधिक लोग डेंगू के इसी सीरो टाइप (डेन-2) की चपेट में आ रहे हैं। यह खुलासा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ (केजीएमयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की रिपोर्ट में हुआ है।

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सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 23 सैंपल की जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें 17 सैंपल में डेन-2 मिला है। डेन-1 का एक सैंपल पॉजिटिव आया है। डेन-3 के तीन सैंपल और डेन-4 के दो सैंपल पॉजिटिव आए हैं। इस तरह डेन-2 का संक्रमण अधिक फैला है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह की स्थिति प्रदेशभर में मिल रही है। जो सैंपल भेजे गए थे, वे सभी डेंगू संक्रमितों के थे। इनका सीरो टाइप पता करने के लिए जांच कराई गई। ओपीडी में भी डेन-2 के लक्षण वाले रोगी आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि वायरस के इस स्ट्रेन को सबसे सख्त माना जाता है।

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70 फीसदी संक्रमितों में लक्षण नहीं आते
उर्सला के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. मुन्नालाल ने बताया कि डेन-2 संक्रमण का फैलाव प्रदेश में अधिक है। 90 फीसदी डेंगू संक्रमित इस स्ट्रेन से प्रभावित होते हैं। 70 फीसदी संक्रमितों में लक्षण नहीं आते। पांच से 10 फीसदी में जटिल लक्षण उभरते हैं। डेंगू हेमरेजिक फीवर का संक्रमण एक फीसदी से कम है।

ऐसे समझें डेंगू घराने के सदस्यों को

  • डेन-1: 75 फीसदी रोगियों में लक्षण नहीं उभरते। हल्की बीमारी, हाईग्रेड फीवर आ सकता है।
  • डेन-2 - अचानक हाईग्रेड फीवर, जी मिचलाना, आंखों में दर्द, बहुत थकान, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, शरीर पर चकत्ते। शुरुआत में प्लेटलेट्स काउंट अधिक कम नहीं होती। डेंगू शॉक सिंड्रोम के बाद मल्टी आर्गन फेल्योर।
  • डेन-3: तेज पेट दर्द, उल्टी, थकान, बेचैनी, प्यास लगना, मसूढ़ों और पाखाने में खून आ सकता है।
  • डेन-4: हाई फीवर, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मिचलाना और चकत्ते।
  • डेंगू हेमरेजिक फीवर: डीएचएफ डेंगू का गंभीर रूप है। शुरुआती लक्षण डेंगू जैसे ही होते हैं, बाद में ब्लीडिंग की समस्या होती है। नाक, मसूढ़ों और अंदर के अंगों में खून का रिसाव होता है। जानलेवा हो सकता है।

ऐसे करें बचाव

  •  घर के अंदर और बाहर स्थिर पानी न रहने दें।
  •  मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, दरवाजों पर स्क्रीन लगा दें।
  • सुरक्षात्मक कपड़े पहनें, हल्के रंग के कपड़े हों।
  •  मच्छरों को मारने और भगाने वाले उत्पाद का प्रयोग करें।
  • खानपान सादा और पौष्टिक रखें, हाई प्रोटीन डाइट लें।
  • बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाएं और जांचें करा लें।

बुखार के 437, डेंगू के 14 और चिकुनगुनिया के पांच रोगी मिले
हैलट ओपीडी में आ रहे हाईग्रेड फीवर के रोगियों में डेंगू के सीरो टाइप डेन-2 जैसे लक्षण हैं। रोगियों को तेज बुखार है। शरीर में दर्द है और चकत्ते भी हैं और प्लेटलेट्स काउंट तुलनात्मक रूप से अधिक घटा नहीं रहता। बुखार के जो रोगी आ रहे हैं, उनमें पांच से 10 फीसदी में ऐसे लक्षण हैं। जांच में रोगियों के लिवर इंजाइम भी बढ़ा रहता है।

हैलट की ओपीडी में 650 रोगी पहुंचे
बुधवार शाम चार बजे तक हैलट इमरजेंसी में 35 रोगी भर्ती किए गए। यूडीएसपी पोर्टल पर बुखार के 137 रोगियों की सूची जारी की गई। डेंगू के 14 और चिकुनगुनिया के पांच रोगी मिले हैं। मलेरिया संक्रमित एक रोगी मिला है। हैलट की ओपीडी में 650 रोगी आए। इनमें बुखार के 200 रोगी और उर्सला में बुखार के 100 रोगी आए हैं।

137 रोगियों के सैंपल जांच के लिए भेजे
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि रोगियों का बुखार ठीक हुए एक महीना हो गया लेकिन जोड़ों में दर्द के कारण वह व्हीलचेयर पर चेकअप कराने आते हैं। मलेरिया विभाग ने डेंगू संदिग्ध 82 रोगियों और मलेरिया संदिग्ध 137 रोगियों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। डेंगू संक्रमित जगईपुरवा, सरसौल, कश्यपनगर, बर्रा, डिफेंस कॉलोनी, घाटमपुर, आवास विकास नौबस्ता आदि क्षेत्रों में मिले हैं।
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30 मोहल्लों के 72 घरों में मिला मच्छर का लार्वा
जिला मलेरिया विभाग की टीमों ने शहर के 30 मोहल्लों में अभियान चलाया। इन मोहल्लों के 72 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छर एडीज का लार्वा मिला है। टीमों ने लार्वा नष्ट कर दिया।
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