कानपुर देहात। समूह की 35 महिलाएं खेती-किसानी के क्षेत्र में हाथ आजमाएंगी। इसके लिए उन्हें आरसेटी से कृषि कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खेती से संबंधित उपकरण की खरीद के लिए कम ब्याज की दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद में दस हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित है। इनसे जुड़ी एक लाख से अधिक महिलाएं अलग-अलग हुनर सीख कर खुद का कारोबार कर रही हैं, साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ मिशन की तरफ से पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की तीन लाख महिलाओं को समूह से जोड़ने लिए अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अनुसार इसके लिए डीएमएम व बीएमएम के अलावा समूह सखियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें समूह में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि कृषि क्षेत्र में कार्य करने की इच्छुक महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए 35 महिलाओं से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, इनका 12 अक्तूबर से प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग, बैंक व अन्य विभागों की टीम अलग-अलग दिन आकर प्रशिक्षित करेगी। प्रशिक्षण पूरा होने पर सभी प्रमाण पत्र दिया जाएगा, साथ ही कृषि कार्य से संबंधित उपकरण की खरीद के लिए सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी।
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बयान......
समूह की महिलाओं व युवाओं को स्वरोजगार से लिए प्रेरित करते हुए योजना के तहत प्रशिक्षण दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत 35 महिलाओं को कृषि कार्य से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें सीएम युवा उद्यम योजना के तहत ऋण दिलाने में सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - मयंक कटियार, निदेशक, आरसेटी