पत्नी का शव लटका देख मोहित ने भी गांव से कुछ दूरी पर निकली रेलवे लाइन पर ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दे दी। दोनों के बीच काफी तेज आवाज में कहा सुनी हुई थी। मोहित के घर से निकलने व अंजलि का शव फंदा पर लटका देख दोनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे।
इससे कुछ पड़ोसी घर में पहुंच गए और कुछ रेलवे लाइन की तरफ। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस और अंजली के मायके वाले वाले पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में काफी बवाल किया। रविवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
मृतका के परिजन ने की मारपीट
ग्रामीणों का कहना है कि घटना की जानकारी पर मृतका अंजलि का भाई अरुण सिंह साथियों के साथ रात में ही पहुंचा। जहां अरुण और उसके साथियों ने पुलिस की मौजूदगी में पड़ोसियों से उनके घरों में घुसकर मारपीट की। घटना की सूचना पर पहुंचे मोहित के बहनोई उत्तम सिंह निवासी बसेलिया थाना पाली की काफी पिटाई कर दी।
एसपी व एएसपी मौके पर पहुंचे
अंजलि के मायके वालों के बवाल करने की सूचना पर मोहित सिंह के परिजन के साथ ही ग्रामीणों में भी तनाव फैल गया। सूचना पर एसपी राजेश द्विवेदी और एएसपी पूर्वी अनिल कुमार यादव जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने मोहित के घर के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि इस तरह कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सभी भाइयों के अलग-अलग बने हैं घर
मृतक मोहित सिंह के पिता विशेश्वर सिंह भी परिवहन निगम में तैनात थे। उनके तीन बेटे रामशंकर सिंह, राजेश सिंह और मोहित सिंह के अलावा तीन बेटियां मीरा, रचना और ममता हैं। सभी शादी-शुदा हैं। गांव में विशेश्वर सिंह की अलग पहचान है। उन्होंने सभी बेटों के अलग-अलग मकान बनवा दिए थे।
फोर्स की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
मृतक मोहित सिंह के ससुराल वालों द्वारा किए गए बवाल को देखते हुए एसपी ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर फोर्स तैनात कर दी थी। इसका कारण अंजलि के परिजन द्वारा किया गया हंगामा रहा। देहात कोतवाल गंगेश शुक्ला ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। अभी तक किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है।