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बारिश से मौसम हुआ सुहावना, जलभराव से आफत

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कानपुर देहात। जिले में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। इससे मौसम सुहावना हो गया है। वहीं नगरीय क्षेत्र में जलनिकासी, सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। अकबरपुर, रनियां, रूरा, रसूलाबाद आदि स्थानों पर रास्तों पर जलभराव हो गया। इससे राहगीरों को आवाजाही में दिक्कत हुई। कई स्थानों पर घर और दीवार गिरने की घटनाएं भी हुई हैं।
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नगर निकायों में नियमित नालों की सफाई नहीं कराई जाती। कोरोना कर्फ्यू में भी सफाई की औपचारिकता निभाई गई। चक्रवात की वजह से जिले में दो दिन से हो रही बारिश से सफाई व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। अकबरपुर में देवद्वार के पास, ओवर ब्रिज चौराहा पर जलभराव से होकर राहगीरों को निकलना पड़ा। रूरा में बाजार वार्ड, आंबेडकर नगर में रास्तों पर जलभराव रहा।
क्रॉसिंग रोड पर फिसलन से कई पैदल राहगीर गिरकर चुटहिल हुए। शिवाजी नगर की गलियों व भटौली में डेरापुर रोड पर भी जलभराव रहा। कस्बे के राजू, उदयभान व अनिल आदि ने बताया कि जल निकासी का प्रबंध दुरुस्त नहीं होने से जलभराव की स्थिति रही।
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रनियां में कटका मार्ग पर जलभराव होने से पैदल राहगीरों को दिक्कत हुई। वहीं मंटोरा सर्विस लेन व रनियां मालवार रोड पर भी जलभराव रहा। रसूलाबाद के भीखदेव बाजार, असालतगंज बहादुरपुर मार्ग, सुनासी, रामपुर सिसाही व तिस्ती में नालियां अवरुद्ध होने से रास्तों पर जलभराव हो गया। कठारा गांव में नालियां नहीं होने से जलभराव रहा।
पेड़ की टहनी टूटकर गिरी, स्टेशन रोड पर रुकी आवाजाही
कानपुर देहात। रूरा में ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य चलने की वजह से स्टेशन रोड से होकर वाहनों की आवाजाही हो रही है। दूसरा रास्ता फिसलन भरा है। इधर बारिश के बीच मंगलवार देर रात रेलवे गेस्ट हाउस के पास पेड़ की मोटी टहनी टूटकर सड़क पर गिर गई।
इससे बुधवार को सुबह से चार पहिया वाहनों का आवागमन स्टेशन रोड से नहीं हो सका। वहीं बाइक सवारों को इस रास्ते से निकलने में दिक्कत हुई। मजबूरी में फिसलन भरे रास्ते से लोग निकलने को मजबूर हुए। दोपहर बाद टूटी टहनी हटाई गई तब स्टेशन रोड पर आवाजाही शुरू हो सकी।
बारिश से कच्चा घर व दीवार गिरी
कानपुर देहात। अकबरपुर के नेहरू नगर में विष्णु प्रकाश गुप्त के घर की दीवार मंगलवार रात बारिश से ढह गई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं जलालपुर नागिन के बाबूराम संखवार का कच्चा घर रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते ढह गया। जिस वक्त घर ढहा वहां कोई नहीं था। एसडीएम सदर राजीव राज ने लेखपाल अभिषेक गुप्ता को पीड़ित की गृहस्थी का सामान भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का प्रबंध करने और नुकसान की रिपोर्ट तलब की है। एसडीएम ने बताया कि जांच कराकर नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
रसूलाबाद में तौल रही ठप, अकबरपुर में शाम को हुई
कानपुर देहात। बारिश की वजह से जिले में सरकारी गेहूं की खरीद प्रभावित हुई है। बारिश रुकने पर सीमित किसानों के अनाज की तौल हो पा रही है। बुधवार को रसूलाबाद में तौल ठप रही। जबकि अकबरपुर में शाम को दो किसानों का गेहूं खरीदा गया। रसूलाबाद में खाद्य विभाग के क्रय केंद्र का बुधवार को एसडीएम अंजू वर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने खुले में रखा गेहूं तिरपाल से ढकने के निर्देश दिए।
कोटेदारों को बांटने के लिए दिए जाने वाले राशन की स्थिति जांची। यहां बारिश की वजह से दोपहर बाद तक तौल रुकी रही। बाद में ई-पॉस मशीन पर किसानों का अंगूठा नहीं लगने की स्थिति से तौल नहीं हो सकी। यहां आए किसानों को मायूस लौटना पड़ा। केंद्र प्रभारी आकाश व ऊषा ने बताया कि छह ट्रकों से करीब 12 सौ क्विंटल गेहूं गोदाम भेजा गया है। इधर अकबरपुर में पूरे दिन तौल रुकी रही। शाम को दो किसानों से करीब 110 क्विंटल गेहूं की खरीद कराई गई।
गेहूं भीगने की जांच करेंगे डिप्टी आरएमओ
कानपुर देहात। चक्रवात की वजह से हुई बारिश से क्रय केंद्रों पर रखा गेहूं भीग गया है। अमर उजाला में अकबरपुर व रसूलाबाद क्रय केंद्र पर गेहूं भीगने की खबर प्रकाशित की तो बुधवार को सीडीओ ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। रसूलाबाद में तिरपाल कम पडने की वजह से करीब डेढ़ हजार क्विंटल खरीदा गया गेहूं भीग गया। धूप नहीं निकलने पर भीगा गेहूं खराब होने की आशंका बनी है।
हालांकि भीगने से बचाने के लिए अब यहां प्लास्टिक की बोरियों में गेहूं भरा जा रहा है। जबकि अकबरपुर में किसानों का तौल के लिए रखा गेहूं भीगा है। सीडीओ सौम्या पांडेय ने क्रय केंद्रों पर गेहूं भीगने की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट तलब की है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि हल्की बारिश से जूट की बोरियां भीग गई हैं। गेहूं पूरी तरह से सुरक्षित है। मौसम खुलने पर बोरियों की नमी भी खत्म हो जाएगी। अब प्लास्टिक की बोरियों में गेहूं भरा जा रहा है।
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