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ये मौसम बेईमान, बौराया आम

Sat, 09 Jan 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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इस साल सर्दी अजब-गजब खेल दिखा रही है। छह जनवरी को अधिकतम तापमान का 45 साल का रिकॉर्ड टूटा, सात जनवरी को 39 साल का और अब आठ जनवरी इस सीजन की सबसे गर्म रात रही। 
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आठ जनवरी को रात का पारा 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। 2012 और 2015 में भी रात का तापमान 12 डिग्री हो चुका है। वातावरण में नमी और धुंध अधिक होने से ऐसा हुआ है। इस साल अधिकतम और न्यूनतम पारे में दो गुने से अधिक वैरिएशन आने से मौसम वैज्ञानिक चिंतित हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ते वायु प्रदूषण और कंकरीट के प्रयोग से बीते 26 सालों में दिन के तापमान में औसतन 0.49 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी हुई है।
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में दिन और रात के तापमान में दिख रहा दो गुने से अधिक अंतर मौसम, फसलों और स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। दिन का पारा चढ़ा होने से ठंड महसूस नहीं हो रही।

वहीं, बारिश न होने से सुबह की नमी भी लगातार 95 फीसदी बनी है, इससे वातावरण में उमस बढ़ रही है।  डॉ. दुबे ने बताया कि यह मौसम अगले दो दिन तक बना रहेगा। कोहरा और धुंध बढ़ेगी।

नमी बनी रहने से दिन और रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव होगा। अनुमान है कि 13 जनवरी के बाद हवाओं की दिशा बदलने से कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

जनवरी में बौराया आम, हे राम
बिल्हौर (कानपुर)। भीषण सर्दी वाले दिसंबर-जनवरी महीने में गर्मी होने से जीवों के साथ-साथ वनस्पतियों, फसलों पर भी असर साफ देखने को मिल रहा है। आम के पेड़ों में समय से एक माह पहले बौर आ चुके हैं। क्षेत्र के नानामऊ गांव निवासी बुजुर्ग सिद्धेश्वर अवस्थी की आम की बगिया में इस बार दिसंबर के अंत में ही बौर आ गए।

उन्होंने बताया कि उनके बाग में अब अमिया आने की शुरुआत हो चुकी है। उनके जीवन में ऐसा पहली बार देखने में आया है। उन्होंने बताया कि मौसम में स्थिरता न होने के कारण कई पेड़ों में आए बौर कीड़े लग जाने से खराब हो चुके हैं जबकि कई पेड़ों में आई अमिया भी रोग से पीड़ित हैं।

गांव के रोजगार सेवक राघवेंद्र चौहान ने बताया कि बेरी के पेड़ों में मौसम का असर दिखाई दे रहा है जिन बेरियों में बेर पक जाते थे उनमें अभी कच्चे बेर ही आए हैं। इस वर्ष बरसात न होने से सर्दी की शुरूआत काफी विलंब से हुई। देहात क्षेत्र में भी पारा 20 डिग्री के ऊपर चल रहा है।

किसानों के माथे पर शिकन
हरदोई। शुक्रवार सुबह कोहरा होने और उसके बाद दिन में धूप और शाम होते ही आसमान में बादल व कोहरा छाने लगा। शुक्रवार को न्यूनतम पारा 10 और अधिकतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले साल 1 से 10 जनवरी के मौसम के मिजाज पर नजर डाले तो इस वर्ष मौसम गर्म है। 

रबी की फसल पर खतरा
फतेहपुर। जिले में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस है। मौसम के बदलाव से गरीबों और वृद्धों को ठंड से काफी राहत मिली है जबकि अन्नदाता की चिंता बढ़ गई है। अतिवृष्टि के बाद सूखा और अब मौसम में गर्मी बढ़ी तो रबी की फसल भी चौपट हो जाएगी।

पूस महीने में फाल्गुन का एहसास
इटावा। पिछले दो दिनों से मौसम में इस कदर बदलाव आया है कि पूस महीने में फाल्गुन माह की तल्ख धूप का एहसास हो रहा है। शुक्रवार को जिले का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा वहीं रात का तापमान 09 डिग्री सेल्सियस रहा।

घटेगी गेहूं की पैदावार
उन्नाव। मौसम की मार से किसान उबरते नहीं दिख रहे हैं। पहले रबी सीजन में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और खरीफ सीजन में पड़े सूखे से अन्नदाता पहले ही नुकसान उठा चुके हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम के गर्म हो जाने से रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं के उत्पादन में भी गिरावट की आशंका से किसान परेशान हैं।

अभी पड़ेगी कड़ाके की सर्दी
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह की मानें तो अभी सर्दी खत्म नहीं हुई। कुछ दिन ही मौसम बेईमान रहेगा, अभी कड़ाके की सर्दी पड़ेगी। अब 15 जनवरी के बाद बारिश के संकेत बन रहे हैं। इसके बाद सर्दी बढ़ेगी और अच्छी खासी ठंड पड़ेगी।
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