कानपुर। सीएमओ की जांच के मामले में विजिलेंस की टीम सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंची। विभागीय सूत्रों के अनुसार टीम ने यहां बंद कमरे में एक घंटे तक केस से जुड़े प्रपत्र जुटाए। टीम सबसे पहले सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के कमरे में पहुंची और कमरा बंद कर करीब 40 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद टीम श्रवण कुमार के कमरे में गई और वहां पर भी कमरा बंद कर बातचीत की गई। इसके बाद टीम प्रपत्र लेकर चली गई।
सीएमओ डॉ. नेमी पर लगे आरोपों की जांच शासन में चल रही है। इसके चलते दूसरी बार टीम ने सीएमओ कार्यालय का दौरा किया और अपने साथ प्रपत्रों को ले गई। इससे पहले सीएमओ नेमी के 17 जुलाई को दोबारा पद ज्वाइन करने के अगले ही दिन टीम आई थी और दस्तावेज लेकर चली गई थी। राज्यपाल की संस्तुति पर निदेशक प्रशासन को जांच अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने, शासनादेशों के विपरीत शासन की ओर से प्रदत्त वित्तीय शक्तियों का प्रत्याहरण किए जाने, नियम विरुद्ध स्थानांतरण करने, अधीनस्थों पर लचर एवं शिथिल प्रशासनिक नियंत्रण होने, उच्चादेशों का अनुपालन न किए जाने तथा पदीय अधिकारों व शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने आदि के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच अधिकारी को एक महीने में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। चार्जशीट में जो आरोप लगे हैं, उससे जुड़ी पत्रावलियां देखी जा रही हैं। इस मामले में जितने लोग भी शामिल हैं, सभी के बयान भी लखनऊ में जल्द ही लिए जाएंगे। वहीं सूत्रों के अनुसार प्रपत्रों के लिए नामित अधिकारी डॉ. आर सी यादव को अब तक सीएमओ ने मामले से जुड़े दस्तावेज नहीं सौंपे हैं। उन्होंने कई बार मांगने के बावजूद दस्तावेज नहीं मिलने की शिकायत भी टीम से की है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी ने टीम के आने की बात को नकार दिया। उन्होंने कहा कि आज कोई टीम नहीं आई है।