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Kanpur News: बाल संरक्षण संस्थान के बच्चों का विकास करेगा विवि

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कानपुर। बाल संरक्षण संस्थान में रह रहे बच्चों के समग्र विकास के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय और उप्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच रविवार को तीन सालों के लिए एमओयू हुआ। इसके तहत विवि के छात्र शैक्षणिक सहायता, सांस्कृतिक गतिविधियां, स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल साक्षरता एवं कॅरिअर मार्गदर्शन जैसे क्षेत्र में योगदान देंगे। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि इसमें विभाग प्रशासनिक सहयोग एवं प्रशिक्षण का वित्तपोषण करेगा और विवि निगरानी एवं प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
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लखनऊ के नालंदा सभागार में रविवार को किशोर न्याय अधिनियम, 2015 एवं पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (जेटीआरआई), यूनिसेफ एवं उच्च न्यायालय की किशोर न्याय समिति के संयुक्त प्रयास से राज्य स्तरीय परामर्श बैठक का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने शेल्टर होम बच्चों के लिए विश्वविद्यालय की भूमिकाः दंडात्मक से सुधारात्मक शिक्षा एवं समग्र विकास की दिशा में पुनर्वास विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए सुधारात्मक, शिक्षा-केंद्रित एवं पुनर्वास-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायमूर्ति अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने की। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. जकारिया आदम, प्रमुख, फील्ड ऑफिस, यूनिसेफ, लखनऊ, लीना जौहरी, प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग उत्तर प्रदेश, न्यायमूर्ति अजय भनोट, अध्यक्ष किशोर न्याय समिति तथा न्यायमूर्ति राजन रॉय, अध्यक्ष पर्यवेक्षण समिति जेटीआरआई उपस्थित रहे। स्वागत जेटीआरआई के निदेशख दिवेश चंद्र सामंत व धन्यवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक विकास) मयंक त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर सीएसजेएमयू के प्रो. संदीप कुमार सिंह, डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. सोनाली धनवानी आदि मौजूद रहे।
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