कानपुर। जीवन में जब विपरीत परिस्थितियां आएं तब भगवान शिव की आराधना मनुष्य को मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक संबल प्रदान करती है। यह बातें शनिवार को बैकुंठपुर स्थित सिद्धि धाम आश्रम में विश्व जागृति मिशन के संस्थापक आचार्य सुधांशु महाराज ने कही।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव आदि गुरु हैं। सनातन संस्कृति में भगवान से पहले गुरु की वंदना और पूजन की परंपरा है। सावन महीने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पवित्र महीने में देवी-देवता और मेघ भी भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान लोक कल्याण के लिए विषपान किया था। देवी-देवताओं ने विष की ज्वाला शांत करने के लिए उन पर गंगाजल से अभिषेक किया तब से शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने की परंपरा शुरू हुई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने कांति सरोवर के समीप सप्तऋषियों को ज्ञान प्रदान किया, इसलिए उन्हें आदिगुरु कहा जाता है। इस अवसर पर भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। आश्रम के आचार्य रजनीश भट्ट ने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे मंत्र दीक्षा और शाम चार बजे गुरु पादुका पूजन और सत्संग होगा। रामनाथ अग्रवाल, कमलेश तिवारी, अनिल श्रीवास्तव, अजय अग्रवाल, कृष्ण मोहन शुक्ल, राम सजीवन समेत अन्य भक्तगण मौजूद रहे।