मोतीझील स्थित म्यूजिकल फाउंटेन में सुंदरीकरण के नाम पर हटाई गई गौतम बुद्ध की प्रतिमा पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दी गई, जबकि सारी दुनिया में भगवान गौतम बुद्ध की पूजा की जाती है। इसे संस्कारों को भूलना कहें या लापरवाही। पार्षदों ने केडीए मुख्य अभियंता से प्रतिमा की उपेक्षा के साथ ही घटिया काम की शिकायत की। इस पर मुख्य अभियंता ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
म्यूजिकल फाउंटेन में 4.16 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर बॉडी फाउंटेन बनाने के साथ बैठने की जगह और पाथ वे बनवाया जा रहा है। निर्माण करा रहे ठेकेदार ने यहां लगी गौतम बुद्ध की फाइबर की प्रतिमा लापरवाह तरीके से परिसर में ही रखवा दी। इससे वह क्षतिग्रस्त हो गई।
बाद में इसे रस्सी के सहारे पेड़ से बंधवा दिया। गौरतलब है कि इस प्रतिमा को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में उन्हीं की पहल पर स्थापित कराया गया था। सूचना पर सपा पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद, नवीन पंडित, राकेश साहू आदि ने वहां पहुंचकर इसका विरोध किया।
टूटे टाइल्स लेकर केडीए वीसी दफ्तर गए। उनके न मिलने पर मुख्य अभियंता वीके गोयल को ये टाइल्स दिखाकर घटिया निर्माण का आरोप लगाया। शाम को मुख्य अभियंता ने जांच की। बताया कि टाइल्स बिछाने में गड़बड़ी मिली है। इसे ठीक कराया जाएगा। बुद्ध की प्रतिमा को भी सही कराया जाएगा।