कानपुर। जुमे की नमाज के बाद कई क्षेत्रों में शिया समाज ने सड़कों पर उतरकर ईरान का समर्थन और अमेरिका और इस्रराइल के खिलाफ विरोध जाहिर किया। ग्वालटोली से लेकर पटकापुर, कर्नलगंज, जाजमऊ, जूही, मछरिया जैसे क्षेत्रों में मजलिस और सीनाजनी कर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन में शिया मुस्लिमों के साथ हिंदू समाज के कुछ लोग भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को कोसा। उनके खिलाफ नारे भी लगाए गए। ग्वालटोली स्थित शिया जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्रराइल के झंडे लगाए। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इस्रराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरें भी लगाईं। नमाजियों ने इन तस्वीरों पर पैर रखकर अपना विरोध जताया। सभी प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर शामिल हुए। उन्होंने अमेरिका, इस्रराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए।
नमाज के बाद मस्जिदों में युद्ध के खात्मे के लिए खास दुआ की गई। अमन-शांति के लिए भी विशेष प्रार्थनाएं की गईं। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि यह विरोध जारी रहेगा। शांतिपूर्ण जलसे भी भविष्य में होते रहेंगे। इस प्रदर्शन में शिया मुस्लिमों के साथ कुछ हिंदू समाज के लोग भी शामिल हुए।
अमेरिका पर युद्ध भड़काने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका अपने हितों के लिए दुनिया को युद्ध की ओर धकेल रहा है। इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। मौलाना सईद अब्बास और मौलाना इंतिखाब आलम काजमी जैसे प्रमुख लोग इसमें शामिल रहे। रमजान के तीसरे जुमा पर शहरभर की मस्जिदों में अमन-शांति की दुआ मांगी गई। बांसमंडी स्थित मस्जिद में नायब शहरकाजी कारी सगीर आलम हबीबी ने हालात से निजात और शांति कायम होने की दुआ की।