इटावा। महेवा क्षेत्र के ग्राम दांदरपुर की घटना के बाद चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच इस मामले में जिले के कांग्रेस के पदाधिकारी भी कूद गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रशांत तिवारी ने कहा कि दांदरपुर गांव की घटना के पीछे सपा-भाजपा की नफरत भरी राजनीति दिखाई दे रही है। दोनों दल जिस तरह सत्ता के लिए जातीय एवं धार्मिक नफरत फैला रहे हैं, वह देश-प्रदेश या समाज किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा प्रशासन को बिना किसी नेता एवं राजनीतिक दल के दबाव में आए, इस घटना की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, पूरे प्रदेश में जंगलराज हावी है। सपा के पीडीए पर सवाल करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में जब सपा सरकार बनी थी, तब सबसे पहले सीतापुर में बड़ी संख्या में दलित समाज के घरों को जलाया गया था। इटावा के बसरेहर ब्लॉक में गैर यादव पिछड़े समाज के लोगों की जमीनों पर कब्जा किया गया। इटावा नुमाइश के पीछे कब्रिस्तान पर कब्जा किया गया। पूरे प्रदेश में तमाम होनहार पिछड़े समाज के युवाओं का हक एक जाति विशेष के युवाओं को दिया गया। नौकरी के रूप में क्या यही पीडीए है। सपा और भाजपा दोनों जिस तरह से ब्राह्मण समाज को बदनाम एवं प्रताड़ित कर रहे है, इसका जवाब आगे आने वाले समय में दोनों दलों को प्रदेश की जनता देगी।
इटावा। दांदरपुर में हुई घटना के बाद बकेवर थाना क्षेत्र के ही एक गांव के एक जाति विशेष के युवक की ओर से पूरे समाज की माताओं के प्रति अभद्र भाषा युक्त गाली को फेसबुक पर लिखने के विरोध में ब्राह्मण समाज में आक्रोश है। वहीं समाज के लोगों ने साक्ष्य सहित थाना प्रभारी बकेवर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। कथावाचकों के साथ ग्रामीणों की अभद्रता के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के जातिवादी कमेंट व अन्य टिप्पणी किए जा रहे हैं। उसी क्रम में सोमवार को ग्राम अंदावा निवासी एक व्यक्ति की ओर से पूरे ब्राह्मण समाज की माताओं के लिए अभद्र कमेंट लिखा गया। जिससे समाज में आक्रोश है। उसका स्क्रीन शॉट लेकर युवा समाजसेवी एवं भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अवनींद्र कुमार दुबे उर्फ रवि दुबे, संदीप मिश्रा, पंकज मिश्रा, अंकित तिवारी व सोनू मिश्रा ने थाना प्रभारी को साक्ष्य सहित प्रार्थना पत्र दिया और कार्रवाई की मांग है।