कानपुर। जिला जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर भागे बंदी असरूद्दीन को पुलिस 24 घंटे बाद भी पकड़ नहीं पाई है। जेल प्रशासन के साथ पुलिस की कई टीमों ने उसकी तलाश में दबिश दी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। वह जेल की 22 फीट ऊंची दीवार काे फांदकर शुक्रवार को भाग गया था। जेल में हत्या, डकैती, लूट जैसे कई संगीन अपराधों के बंदी, पुरानी कैदी और हिस्ट्रीशीटर बंद हैं।
जाजमऊ पुलिस ने आठ जनवरी 2024 को दोस्त सादिक (22) की हत्या के आरोप में जाजमऊ के ताड़बगिया के झुग्गी झोपड़ी निवासी असरूद्दीन को गिरफ्तार कर 14 जनवरी 2024 को जेल भेजा था। आरोप है कि असरूद्दीन ने पत्नी से अवैध संबंध के शक में दोस्त सादिक की हत्या की थी। शुक्रवार की रात साढ़े दस बजे जिला जेल की 14 नंबर बैरक में बंदियों की गिनती में एक बंदी कम मिला। जेल के अंदर और बाहर लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए जिसमें असरूद्दीन शाम साढ़े सात बजे मिलाई कक्ष के पास बने पुराने गोदाम पर चढ़ते हुए नजर आया। वह एक खाली डिब्बे का इस्तेमाल कर गोदाम की सीमेंट वाली की चादर पर चढ़ा और सरकते हुए 22 फीट ऊंची दीवार पर पहुंच गया। यहां से पीछे वाले गेट के नजदीक से होते हुए गंगा की ओर कूदकर भाग गया। पुलिस ने सरसैया घाट, वीआईपी रोड समेत आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग की, लेकिन बंदी की जानकारी नहीं हुई।
फरार होने से पहले असरूद्दीन ने जेल में 12 से 15 दिन तक रेकी की। उसने देखा कि गोदाम के पास की दीवार पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। यहां से सीमेंट वाली चादर पर चढ़कर 22 फिट ऊंची दीवार तक पहुंचना आसान है। पुलिस की पूछताछ में साथी बंदियों ने उसके अक्सर गोदाम के पास टहलने की जानकारी दी। घटना के समय बारिश भी हो रही थी।
पुलिस ने असरूद्दीन की तलाश में ऑपरेशन त्रिनेत्र और निजी व सरकारी प्रतिष्ठानों और दुकानों के बाहर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों में तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बंदी के गंगा की तरफ भागने की आशंका है। पुलिस ने शनिवार की सुबह जाजमऊ ताड़बगिया स्थित घर जाकर उसके माता पिता व अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की।