सरवनखेड़ा। विभाग संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दे रहा है। मगर अस्पतालों में प्रसूताओं की देखभाल में लापरवाही की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गजनेर में प्रसव के बाद भर्ती की गई एक महिला को खाना न दिए जाने की शिकायत की गई, तो व्यवस्था की पोल खुली। मामले में लापरवाही पर स्टॉफ नर्स से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
भदेसा निवासी अमित ने बताया कि 18 जुलाई को पत्नी अंशू को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। रात में ही पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। आरोप लगाया कि कोई स्टाफ जच्चा-बच्चा को देखने भी नहीं आया। खाने की व्यवस्था भी नहीं की गई। पूछने पर बताया गया कि आज खाना नहीं मिलेगा, जबकि प्रसूता को अस्पताल से ही भोजन मिलने का नियम है। व्यवस्था को लेकर उसने चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. पुनीत पांडेय ने बताया कि प्रसव के बाद प्रसूता की देखभाल करने व उनके खाने की व्यवस्था करने के निर्देश हैं। अस्पताल से ही भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ड्यूटी पर तैनात दोनों स्टाफ नर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब न आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बताया कि रविवार देर से आने पर स्टाफ नर्स स्वेता गौतम से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।