सेंट्रल स्टेशन पर निरीक्षण करते हुए रेलवे बोर्ड के सदस्य एके गुप्ता व अन्य।
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कानपुर। सेंट्रल स्टेशन के चार प्लेटफार्मों की लंबाई 48 मीटर तक बढ़ाई जाएगी। इससे लंबी दूरी की 22 से 24 बोगियों वाली ट्रेनें इन प्लेटफार्मों पर आ सकेंगी। प्लेटफार्मों का लोड कम होने से आउटर पर खड़ी होने वाली लंबी ट्रेनों को प्लेटफार्मों पर रोका जा सकेगा। इससे यात्रियों की परेशानियां दूर होंगी। इसके अलावा सेंट्रल से कई नई ट्रेनों को चलाने की योजना है।
ट्रेनों के घंटों लेट होने से और समय में सुधार न होने से रेलवे बोर्ड गंभीर है। ट्रैफिक अधिक होने से यात्रियों को होने वाले दिक्कतों को दूर करने की कोशिश शुरू कर दी गई है। इस संबंध में रविवार को दिल्ली से रेलवे बोर्ड के ट्रैफिक विभाग के अपर सदस्य एके गुप्ता और इलाहाबाद से डीसीओएम अनुराग ने सेंट्रल का निरीक्षण किया। दोनों अफसरों ने सेंट्रल पर स्टेशन अधीक्षक आरएनपी त्रिवेदी से ट्रेनों के संचालन संबंधी विस्तृृत जानकारी ली और इसके बाद गोविंदपुरी स्टेशन का निरीक्षण किया। गोविंदपुरी स्टेशन को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव पर पूरी डिटेल खंगाली। अभी तक सेंट्रल से 377 ट्रेनों की आवाजाही है। चार प्लेटफार्मों की लंबाई दोनों तरफ से 24-24 मीटर बढ़ने से लंबी दूरी की ट्रेनें रुकने लगेंगी। अभी तक छोटे प्लेटफार्म होने से 16 से 19 डिब्बों की ट्रेनें रुकती हैं। लंबे प्लेटफार्मों के भरे होने पर ट्रेनों को पनकी, दादा नगर, शुक्लागंज, मरे कंपनी पुल, झकरकटी जैसे आउटरों पर घंटों रुकना पड़ता है। इससे यात्री परेशान होते हैं।
कम हो सकता है सेंट्रल का लोड
सेंट्रल से 377 ट्रेनों की आवाजाही होने से अति व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रूट की गाड़ियां घंटों लेट हो रही हैं। आउटर पर फंसे होने से जनरल से लेकर वीआईपी ट्रेनों के यात्री अफसरों से लेकर रेल मंत्री से शिकायतें कर रहे हैं। रविवार को दोनों अफसरों ने लोड कम करने की संभावनाएं देखीं और डाटा ले गए। संभावना है कि कुछ ट्रेनों का संचालन रेल बाजार स्थित पुराना स्टेशन से हो सकता है। इस स्टेशन पर ट्रैक समेत पूरा सिस्टम बना है। इसके अलावा कुछ कानपुर से चलने और पहुंचने वाली कुछ ट्रेनों का ठहराव गोविंदपुरी और पनकी में भी होने की उम्मीद है। इस संबंध में गोविंदपुरी स्टेशन का निरीक्षण किया, पनकी स्टेशन से ट्रेनों के ट्रैफिक की
जानकारी मांगी है।