- अतिक्रमण के चलते पूरे शहर की बिगड़ी सूरत, कब्जों के चलते लोगों का निकलना दूभर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जनसुविधा के लिए बनाए गए फुटपाथ हाथिया लिए गए। दुकानदारों, भवन स्वामियों के लिए मोटी कमाई का जरिया बन चुके फुटपाथों पर पूरे शहर में अब बाकायदा दुकानों सजी हैं। इनसे बाकायदा रोज किराया भी वसूला जा रहा है।
कब्जों के चलते शहर की सूरत तो बिगड़ी ही है, पैदल चलने वालों के लिए जगह भी नहीं बची है। शासन की सख्ती के बावजूद शहर और कस्बों की सड़कों के फुटपाथ कब्जे में हैं। शासन के आदेश पर समय-समय पर अभियान चलाकर कोरम तो पूरा कर दिया जाता है, लेकिन स्थायी रूप से फुटपाथों को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा रहा है। इसका दंश शहरवासी झेल रहे हैं। फुटपाथों पर कब्जे होने से पैदल और साइकिल से चलने वालों को हादसों का डर बना रहता है।
कई बार जाम की स्थिति बनी जाती है। शहर के मुख्य मार्ग मालगोदाम रोड पर ही दोनों तरफ फुटपाथों पर सुबह से दुकानें सज जाती हैं। कई दुकानदारों ने तो टट्टर लगाकर स्थायी ठिकाने बना लिए हैं। इसके लिए घरों के बाहर या प्रतिष्ठान के बाहर वाले लोग इन कब्जेदारों से रुपये तक वसूलते हैं। सब कुछ जानकर भी जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं।
प्रतिदिन 200 से 500 रुपये तक होती वसूली
मालगोदाम रोड पर जिन लोगों के मकान और प्रतिष्ठान हैं वह खुद ही इस काले कारोबार में शामिल हैं। वह अपने मकान और प्रतिष्ठान के सामने फुटपाथ पर दुकान सजाने के भी रुपये वसूल रहे हैं। प्रतिदिन के हिसाब से कई लोग 200 से 500 रुपये तक और कई लोग महीने के 10 हजार रुपये तक की वसूली कर नगर पालिका को चूना लगा रहे हैं।
नौ जुलाई से 10 दिन चला था अभियान, स्थिति जस की तस शासन की सख्ती के साथ नगर पालिका की ओर से समय-समय पर अभियान तो चला दिए जाते हैं, लेकिन स्थितियों में सुधार नजर नहीं आता है। यही स्थिति नौ जुलाई तक चलाए गए दस दिवसीय अभियान में भी देखने को मिली थी। टीम शाम को निकलती थी और सिर्फ एक-दो चौराहे पर कुछ लोगों पर कार्रवाई करके रस्म अदायगी कर आती थी।
वर्जन
जुलाई में अभियान चलाकर फुटपाथों से कब्जे हटवाए गए थे। फिर से यदि लोगों ने कब्जा कर लिया है तो चिह्नित कराकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे लोगों का भी पता कराया जाएगा जो फुटपाथ पर कब्जा कराने के लिए वसूली कर रहे हैं।
- विनय कुमार मणी त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका