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Kanpur News: अब भी सूची में दर्ज है पांच साल पहले सीएमएस रहे दंपती का नाम

Sun, 12 Apr 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में कमियां सामने आ रही हैं। अब भी लोगों के पते और नाम गलत दर्ज दिखाई दे रहे। हालात ये हैं कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त और जिले से कई साल से बाहर रह रहे जिला अस्पताल पुरुष व महिला के तत्कालीन सीएमएस डॉक्टर दंपती के नाम मतदाता सूची में उनके सरकारी आवास के पते पर दर्ज हैं।
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चारों विधानसभा क्षेत्रों में गणना प्रपत्र न भरने वाले एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित व मृतक) श्रेणी के 20, 3957 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। इसके बाद भी मतदाता सूची शुद्ध नहीं बन सकी है। अधिकारी बीएलओ के घर-घर जाने का दावा करते रहे लेकिन धरातल पर बीएलओ घरों में नहीं गए। केवल कागजों में ही पुनरीक्षण चलता रहा और इसकी वजह से सही स्थिति का पता नहीं चल सका। आज भी खामी जस की तस बनी हुई है।
करीब पांच साल पहले जिला अस्पताल महिला में सीएमएस रहीं डॉक्टर अर्चना श्रीवास्तव व उनके पति जिला अस्पताल पुरुष में सीएमएस रहे डॉक्टर पंकज श्रीवास्तव व उनके बेटे अनमोल का नाम अकबरपुर के गांधीनगर की मतदाता सूची में क्रम संख्या 852, 853 व 854 में दर्ज है। इस सूची में इनके नाम सरकारी आवास के पते पर दर्ज है। वहीं, डॉक्टर अर्चना श्रीवास्तव कई साल पहले तबादला होने के बाद औरैया जिले की सीएमओ बनाई गई थीं। वह वहां से ही सेवानिवृत्त हुईं। उनके पति भी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब सेवानिवृत्त डॉक्टर दंपती कई साल से कानपुर में निवास कर रहे हैं फिर भी मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है।
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बयान......
जिले में निकाय या फिर ग्राम पंचायत स्तर पर मकान नंबर आवंटित नहीं किए गए हैं। इसकी वजह से एक मकान नंबर में कई परिवारों के नामों की खामी को दूर करना मुश्किल है। यह समस्या रहेगी। यदि कोई परिवार अर्से से जिले से बाहर है तो उसका नाम फार्म सात भरकर हटाया जा सकता है। इसका संज्ञान बीएलओ स्तर से भी लिया जा सकता है। ऐसे मामले सामने आने पर आवश्यक कार्यवाही कर नाम काटे जाएंगे। - अमित कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन।
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अंजना दुबे के घर शेखू खान का नाम
कानपुर देहात। अकबरपुर के नयागंज की सूची में अंजना दुबे के घर पर शेखू खान का वोट बरकरार है। शेखू खान के अन्य परिवारवालों के नाम भी इसी घर से जुड़े हैं। ऐसे में पुनरीक्षण पर सवाल उठ रहे हैं। विधानसभा मतदाता सूची का शुक्रवार को अंतिम प्रकाशन हुआ है। एक सप्ताह तक यह सूची जन सामान्य के देखने के लिए लिए बूथों पर उपलब्ध रहेगी। एसआईआर में मतदाता सूची शुद्धीकरण का दावा किया गया था लेकिन जारी अंतिम मतदाता सूची खामियों से भरी है। अकबरपुर-रनियां विधानसभा में बूथ संख्या 114 में अंजना दुबे के घर में सपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता शेखू खान का नाम है। इतना ही नहीं शेखू खान की भाभी और भाई का नाम भी इसी घर में दर्ज है। शेखू खान कहते हैं कि मतदाता सूची में खुद का और परिजनों का नाम देखा जरूर है, लेकिन किसी और के घर में नाम दर्ज होने पर गौर नहीं किया। खामी दुरुस्त कराई जाए इसकी पहल करेंगे। संवाद
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कम हुए डेढ़ लाख वोटर बिगाड़ सकते जीत की गणित
- रसूलाबाद में सबसे अधिक व सिकंदरा में सबसे कम कटे वोटर
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। जिले में चार विधानसभा सीटें हैं। कुल 1666 बूथों पर 1183604 मतदाता बचे हैं जबकि अंतिम सूची में 152573 वोटर घट गए। कम हुए यह वोटर वीआईपी सीट भोगनीपुर, सिकंदरा व अकबरपुर-रनियां के साथ ही रसूलाबाद में जीत की गणित बिगाड़ सकते हैं।
भोगनीपुर सीट से विधायक राकेश सचान कैबिनेट मंत्री है। ऐसे में यह सीट अब वीआईपी है। सपा की मानी जाने वाली इस सीट पर 2017 में भाजपा का खाता खुला। इसके बाद 2022 के चुनाव में भाजपा का चेहरा बने राकेश सचान ने जीत दर्ज की। साल 2022 के चुनाव में वह बसपा के प्रतिद्वंद्वी से वह 12080 मतों से जीते थे। जीतने पर राकेश सचान को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। एसआईआर में इस सीट पर 40086 वोटर कट गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में वोटर कटने से समीकरण बदल गए हैं। घटे वोटर जीत की गणित बिगाड़ सकते हैं।
वहीं, दूसरी वीआईपी सीट सिकंदरा विधानसभा की है। यहां भाजपा के अजीत सिंह पाल ने दूसरी बार जीत दर्ज की। वह दोबारा राज्यमंत्री बनाए गए। वह साल 2022 में 31379 वोट से चुनाव जीते थे। अब इस सीट पर 35760 वोटर कट गए हैं। जितने वोट कटे हैं करीब उतने वोट बसपा के प्रत्याशी को मिले थे। जानकारों का कहना है कि कटे वोटों से जातीय समीकरण प्रभावित होंगे।
इसके अलावा तीसरी वीआईपी सीट अकबरपुर-रनियां में लगातार दूसरी बार भाजपा जीती है। प्रतिभा शुक्ला 13554 वोट से जीती थीं। विधायक प्रतिभा शुक्ला को राज्यमंत्री बनाया गया है। अब इस सीट पर 35767 वोट कम हो गए हैं। बसपा को करीब 32 हजार से अधिक वोट मिले थे। कटे वोटरों को जीत की गणित में बदलाव पर जानकार देख रहे हैं। इसी प्रकार रसूलाबाद सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी बदला। सीट कायम रही। पूनम संखवार करीब 21 हजार वोटों से जीती थीं। सपा को 70 हजार से अधिक वोट मिले थे। इस सीट पर 40960 वोटर कट गए हैं। बड़ी संख्या में कटे वोटरों ने दलों की गणित जरूर बिगाड़ दी है।
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फोटो- 1 रसूलाबाद बीआरसी में विधानसभा मतदाता सूची प्रकाशन के दौरान मौजूद बीएलओ व अन्य। संवाद
बीआरसी रसूलाबाद में मतदाताओं ने देखे नाम
रसूलाबाद। बीआरसी कार्यालय परिसर स्थित बूथों पर शुक्रवार को विधानसभा मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ। बूथ संख्या 112 में बीएलओ अरविंद कुमार ने मतदाताओं को सूची दिखाई। यहां जयवीर, ब्रजेंद्र सिंह व पंकज आदि ने सूची में नाम देखे। बूथ संख्या 113 में बीएलओ संजय कुमार ने पहुंचे मतदाताओं रामसिंह, वीरभद्र व अशोक कुमार को सूची दिखाई। बूथ संख्या 114 में बीएलओ यशोदा व बूथ संख्या 115 में बीएलओ ममता देवी ने सूची प्रदर्शित की। ईआरओ सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। एक सप्ताह तक बूथ पर मतदाता सूची देख सकते हैं। (संवाद)
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अब भी नाम दर्ज कराने का विकल्प
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का विकल्प है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची में यदि किसी का नाम नहीं है तो फार्म -6 भरकर जरूरी दस्तावेज के साथ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के यहां आवेदन किया जा सकता है। यदि वहां से किन्हीं कारणों से आवेदन खारिज होता है तो जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां अपील की जा सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां से अपील खारिज हो तो तीस दिनों के अंदर चुनाव आयोग में समक्ष द्वितीय अपील का विकल्प है। इसी प्रकार मतदाता सूची में दर्ज गलत नाम खारिज करने के लिए फार्म-7 भरा जा सकता है। जबकि गलत प्रविष्टि दर्ज होने पर संशोधन के लिए फार्म-8 का विकल्प है।
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