कानपुर। मुख्य लोको पायलट पूर्ण विश्राम करने के बाद ही इंजन पर चढ़े। ट्रेन परिचालन के दौरान किसी भी हाल में मोबाइल का उपयोग न करे। यह बात गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल ने कही। वह बहुउद्देश्यीय डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में संरक्षा कार्यशाला में तीनों मंडल से आए मुख्य लोको इंस्पेक्टरों, पायलट और सहायक असिस्टेंट लोको पायलट को संबोधित कर रहे थे।
डीआरएम ने कहा कि चालक पर ट्रेन में सवार हजारों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है। आराम करने की अवधि में भी मोबाइल का कम उपयोग करें ताकि चालक पूर्ण तरह से विश्राम कर मन और शरीर को स्वस्थ रख सकें। दिक्कत होने पर अधिकारी से बात करें। इसके बाद डीआरएम ने सिमुलेटर कक्ष का भी निरीक्षण किया और समय-समय पर होने वाले रिफ्रेशर कोर्स की जानकारी ली। यहां पर ट्रेनिंग सेंटर के प्रधानाचार्य अभिषेक सिंह, इलेक्ट्रिक लोको शेड के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता राहुल त्रिपाठी, डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह, रेलवे अधिकारी प्रदीप शर्मा, अनुदेशक अरुण कुमार तिवारी, रंजीत राय आदि रहे।
डीआरएम देर रात दो बजे सेंट्रल स्टेशन पहुंचे और ऑफिसर रेस्ट हाउस में रुके। गुरुवार सुबह वह सबसे पहले स्टेशन पहुंचे और निरीक्षण किया। डिप्टी सीटीएम से कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है, इसलिए सीवरेज सिस्टम सुधार लें, ताकि जलभराव से ट्रेन परिचालन पर असर न पड़े। प्लेटफार्मों पर पेयजल का बेहतर इंतजाम रहे।