कानपुर। ग्रीनपार्क में 22 लाख से तैयार हुआ शूटिंग रेंज अव्यवस्थाओं की शिकार है। साल 2020 में कोच के तबादले के बाद से यहां का ताला नहीं खुल सका है। रेंज में आधुनिक एयर राइफल की जगह जंग लगी पुरानी ब्रेक बैरल एयर राइफलें हैं, जिसकी वर्षों से सर्विस नहीं कराई गई है। इस वजह से शहर में निशानेबाजी का हुनर रखने वाले खिलाड़ी प्रशिक्षण के अभाव में अपनी प्रतिभा नहीं निखार पा रहे हैं।
ग्रीनपार्क में 10मी. शूटिंग रेंज का उद्घाटन 13 अगस्त 2018 को तत्कालीन खेल मंत्री चेतन चौहान ने किया था। तब रेंज में करीब 55 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था। उस समय कोच के पद पर सीमा शर्मा की नियुक्ति हुई थी, लेकिन कोरोना काल के दौरान वह बंगलूरू चली गईं। तब से कोई कोच नियुक्त नहीं हुआ। करीब दो-तीन महीने तक खिलाड़ियों ने खुद ही अभ्यास किया, लेकिन कोच के अभाव में उन्होंने मजबूरी में यहां से निजी अकादमियों का रुख कर लिया। वर्ष 2020 के बाद से यह अकादमी पूरी तरह से बंद हो गई। नए सत्र में खिलाड़ी यहां पर अभ्यास के लिए पंजीकरण करवाने आते हैं, बंद अकादमी को देखकर लौट जाते हैं। वर्तमान में यह रेंज पूरी तरह से जर्जर हो गई है।
पुरानी राइफलें भी बड़ी वजह
शूटिंग रेंज में सीखने वालों को उस समय पुरानी ब्रेक बैरल एयर राइफल मिलती थी। इसे चलाने में काफी समय और मेहनत लगती थी। कई बार खिलाड़ियों ने नई राइफलों की मांग उस समय के क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी से की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पूर्व प्रशिक्षक के मुताबिक ब्रेक बैरल एयर राइफल को आगे से तोड़कर उसमें एयर बनानी पड़ती है। बार-बार लोड करने में खिलाड़ियों को परेशानी होती है। इसके टाइट होने के कारण निशाना भी प्रभावित होता है। वहीं आधुनिक एयर राइफल आसानी से लोड होती है। उसमें निशाना अधिक सटीक लगता है। प्रशिक्षक ने बताया कि ब्रेक बैरल एयर राइफल की कीमत करीब दो से पांच हजार है, जबकि आधुनिक एयर राइफल की कीमत एक लाख से अधिक है। प्रतियोगिताओं में आधुनिक एयर राइफल का ही इस्तेमाल हो रहा है।
शूटिंग रेंज को सही करवाकर जल्द ही शुरू किया जाएगा। खेल प्रोत्साहन समिति की ओर से यहां पर कोच भी नियुक्त किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
- कर्मवीर, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी, ग्रीनपार्क