कानपुर देहात। जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपभोक्ता सुबह से ही एजेंसी और गोदाम पहुंचकर लंबी लाइन लगा रहे हैं। जब सिलिंडर मिलने का नंबर आता है तो एजेंसी कर्मी खत्म होने की बात कहकर वापस लौटा देते हैं। यह स्थिति तब है जब पूर्ति विभाग एजेंसियों में 10557 सिलिंडर का स्टॉक होने का दावा कर रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर सिलिंडर के लिए लगने वाली लंबी कतार कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्थिति यह है कि उपभोक्ता रोज सुबह उठकर पहला काम सिलिंडर के इंतजाम में लगने का करता है। गैस कंपनियों ने एजेंसी संचालकों को पिछले वर्ष की तुलना में सिलिंडर की आपूर्ति को घटा कर 70 फीसदी कर दिया है। इसमें कई एजेंसियों का कोटा समाप्त हो चुका है। ऐसे में आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कई उपभोक्ता डीएसी नंबर का मैसेज मोबाइल पर न आने से दिक्कत झेल रहे हैं। अगर किसी तरह मैसेज आ भी जाता है तो एजेंसी के पांच-पांच दिन चक्कर लगाने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं।
अकबरपुर के मोहम्मदपुर स्थित इंडेन गैस एजेंसी के संचालक विमल कुमार तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को 360-360 सिलिंडर के दो लोड आए थे। इनमें 510 का वितरण किया गया। जबकि बचे हुए 210 सिलिंडर का शनिवार सुबह वितरण किया गया है। गोदाम खाली होने की वजह से उपभोक्ताओं को खाली हाथ वापस जाना पड़ा। हालांकि देर शाम 360 सिलिंडर का लोड लेकर एक गाड़ी पहुंची है। इसका वितरण रविवार को किया जाएगा। कंपनी से मांग के अनुसार लोड भेजे जा रहे हैं। अब पहले की अपेक्षा गोदाम पर भीड़ कम हुई है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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छठवें दिन सिलिंडर का लोड लेकर पहुंची गाड़ी
रूरा। झींझक-रूरा मार्ग पर धनीराम गांव स्थित मां वैष्णो गैस एजेंसी पर शनिवार को छह दिन बाद सिलिंडर का लोड पहुंचा। जानकारी होते ही उपभोक्ता एजेंसी पहुंचने लगे। लाइन लगते ही सिलिंडर का वितरण शुरू किया गया, लेकिन कुछ ही देर में विवाद की स्थिति बन गई। उपभोक्ता अनिल, बृजेश, अनूप व कल्लू ने बताया कि बीते छह दिनों से सिलिंडर के लिए परेशान होकर एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। अब जब लोड आया, तो कर्मी उनकी अनदेखी कर परिचितों को पहले सिलिंडर बांट रहे हैं। एजेंसी संचालक अमित सिंह ने बताया कि आरोप बेबुनियाद हैं। वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। मोबाइल पर डीएसी नंबर का मैसेज आने वाले उपभोक्ताओं को सिलिंडर वितरित किए जा रहे हैं। बिना डीएसी नंबर के पहुंचे उपभोक्ताओं को वापस करना पड़ा है। इस दौरान सुबह नौ बजे दोपहर 12 बजे के बीच करीब दो सौ सिलिंडर वितरण किए गए हैं। (संवाद)
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बोले उपभोक्ता-
26 फरवरी को सिलिंडर के लिए ऑनलाइन बुकिंग की थी। करीब 25 दिन बाद मोबाइल पर डीएसी नंबर का मैसेज आया। इसके बाद रोड सुबह छह से सात बजे के बीच गोदाम पहुंच लाइन लगा रहे है, लेकिन नंबर आने तक सिलिंडर खत्म हो जाते हैं। अब तो घर पर खाना भी लकड़ी जलाकर बनाना पड़ रहा है। - श्रवण कुमार, संगसियापुर
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सिलिंडर के लिए पांच दिन से गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को लोड लेकर जब गाड़ी आई तो लगा सिलिंडर मिल जाएगा, लेकिन नंबर आने तक खत्म होने की बात कहकर वापस कर दिया गया। देर शाम को दूसरा लोड आने की जानकारी होने पर आए थे, लेकिन इस बार भी निराशा हाथ लगी और खाली हाथ वापस जाना पड़ रहा है। - अवनीश, खेड़ा
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वर्जन.......
जनपद में गैस सिलिंडर की किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। एजेंसी संचालकों की मांग के अनुसार कंपनी से सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा होम डिलिवरी भी शुरू कर दी गई है। हालांकि इंडेन गैस की ऑनलाइन बुकिंग में समस्या जरूर रही है, लेकिन वह भी काफी हद तक निस्तारित की जा चुकी है। जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। - अभिषेक कुरील, जिला पूर्ति अधिकारी