कानपुर देहात। अकबरपुर के अंबेडकरनगर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि प्रकाश पूरे दिन इधर-उधर घूमता रहता था। वह जुआ व सट्टे का काम करता था। पुलिस महकमे में पिता के काफी समय तक नौकरी करने व पुलिस लाइन में रहने वाले सफाई कर्मचारियों के बेटों से उसकी दोस्ती के कारण कभी शक की सुई उसकी ओर नहीं गई। अवैध कमाई के जरिए ही वह महंगी बाइक व कार से आता-जाता था। गली में ही उसकी कार खड़ी रहती थी। मोहल्लेवालों ने बताया कि प्रकाश अपने दोस्तों के साथ घूमता रहता था। खुद को एक कंपनी में बड़े पद पर काम करने की बात बताता था।
चोरियों से भी जुड़े हो सकते हैं तार
रिटायर पुलिस कर्मी के बेटे प्रकाश और पुलिस लाइन में सफाई कर्मचारियों के बेटे शेरा व विशाल के पकड़े जाने के बाद नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस लाइन में हुई चोरियों के पीछे भी इन्हीं का हाथ होने की आशंका है।
अभियुक्तों को जेल, वकीलों ने निकाला मार्च
कानपुर (ब्यूरो)। सीएमएम कोर्ट ने आशुतोष अपहरण और मर्डर केस के पांचों अभियुक्तों प्रकाश, रौनक, सुनीता, विशाल, शेरा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सैकड़ों वकील अभियुक्तों को पीटने की मंशा से दोपहर से शाम तक कोर्ट के बाहर जमे रहे। इस कारण कचहरी में कई थानों का फोर्स और पीएसी बुला ली गई थी। बाद में वकीलों ने कैंडल मार्च निकाल आशू को श्रद्धाजंलि दी।
प्रधान को नहीं थी जानकारी
गौरियापुर के प्रधान रामबाबू कठेरिया का नाम भी आने के बाद से उनके न दिखने पर परिजनों का कहना की वे काम से मुख्यालय गए हैं। पत्नी शांति देवी ने कहा सुनीता के घर आशुतोष को रखे जाने की जानकारी प्रधान को नहीं थी।
मां बोली- टूट गया बेटी से नाता
प्रकाश की पत्नी रौनक देहात के मोहल्ला नयागंज निवासी राजमिस्त्री रामचंद्र की बेटी है। दोनों ने घर वालों के विरोध में लव मैरिज की थी। प्रकाश की आवारागर्दी के कारण लड़की के घर वाले तैयार नहीं थे। रौनक की मां का कहना है कि उनका बेटी से कोई वास्ता नहीं है। जब से उसने भागकर शादी की है तब से उन्होंने यही समझ लिया कि उनकी बेटी मर गई है।