बाल-बाल बचा मरीज का मस्तिष्क
पता चला कि हथियार कान की अदरूनी हड्डी में मस्तिष्क के पास तक फंसा हुआ है। उसे ओटी में ले जाकर सर्जरी की गई। उसका मस्तिष्क बाल-बाल बचा। सर्जरी के दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कनौजिया, डॉ. हरेंद्र गौतम, डॉ. अमृता श्रीवास्तव, डॉ. विवेक और डॉ. मनोज मौजूद रहे।