कानपुर। फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां छापने वाले व बेचने वाले गिरोह की जांच तेज हो गई है। मामले में गिरफ्तार गिरोह के सरगना मनीष समेत चार आरोपियों और फरवरी में पकड़े गए आरोपी शैलेंद्र व अन्य की सोमवार को अदालत में पेशी होनी है। विवेचक सभी आरोपियों के बयान दर्ज करने की कोर्ट से अनुमति मांगेंगे। अनुमति मिलने पर जेल में ही 40 सवाल पूछे जाएंगे। सवालों की सूची तैयार हो चुकी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के लिए सवालों की सूची तैयार की है। इन सवालों के जरिये गिरोह के नेटवर्क, फर्जी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया पता की जाएगी। साथ ही उपकरणों की खरीद, ग्राहकों तक पहुंच और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारियां जुटाई जाएंगी। जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने लोगों को फर्जी शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। जिन्हें उपलब्ध कराए गए उन लाभार्थियों ने इनका इस्तेमाल किन कामों में किया ।
पुलिस की नजर इस बात पर भी है कि गिरोह का संबंध किन राज्यों और किन जिलों में फैला है। पूछताछ में मिले जवाबों के आधार पर कई नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपितों के बयानों से गिरोह के पूरे तंत्र और इसके सहयोगियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। एसआईटी प्रभारी एडीसीपी साउथ योगेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है पूछताछ में कई अहम जानकारी मिलेंगी।