आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव और प्रवक्ता मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने कहा है कि अगर तीन तलाक पर सरकार अध्यादेश लाती है तो बोर्ड कोर्ट जाएगा। यह बिल संसद के उच्च सदन में पास नहीं हो सका है।
यह मुस्लिमों के लिए गैरजरूरी मामला है। बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं लोकसभा में पास हुए इस बिल के प्रावधानों के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर चुकी हैं। वह रविवार को हक एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के कार्यक्रम में सिविल लाइंस के रागेंद्र स्वरूप ऑडिटोरियम में बतौर अतिथि शामिल हुए थे।
मौलाना रहमानी ने एएमयू में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर चल रहे विवाद पर कहा कि यह एएमयू में ज्यादती की गई है। यह तस्वीर वहां आजादी के पहले से लगी थी। आए दिन भारत के अखबारों में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं की फोटो छपती है।
संसद और भारत की अन्य प्रमुख इमारतों में भी जिन्ना की तस्वीर लगी है। एएमयू विवाद सिर्फ राजनीतिक मकसद के लिए उठाया गया है। हिंदू-मुसलमानों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है। एएमयू में हुए विवाद पर सरकार का रुख अस्वीकार्य है।
अगर जिन्ना की तस्वीर लगाना कानूनन जुर्म है और कानून इसकी अनुमति नहीं देता है तो उनकी तस्वीर लगाने पर प्रतिबंध लगना चाहिए। बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि मंदिर विवाद पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहा यह मामला आस्था का नहीं बल्कि मिल्कियत का है।