समाजवादी पार्टी की ग्रामीण इकाई में ऐसे-ऐसे कारनामे उजागर हो रहे हैं कि सपाइयों को जवाब देते नहीं सूझ रहा। पिछले हफ्ते सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष ने बर्रा-8 निवासी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पार्टी का जिला सचिव बना दिया।
‘अमर उजाला’ ने यह मामला उठाया तो शनिवार को ग्रामीण इकाई की बैठक में मामले की जांच दो पदाधिकारियों को सौंप दी गई। अब पता चला है कि जिन महाशय को जांच दी गई है वो खुद ही हिस्ट्रीशीटर हैं।
यानी एक हिस्ट्रीशीटर दूसरे हिस्ट्रीशीटर का ‘चरित्र प्रमाण पत्र’ बनाएगा। पार्टी में खूब चख-चख मची है और आलाकमान तक शहर के नेताओं की कुंडली पहुंचा दी गई है।
सपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने पिछले हफ्ते मनोज सिंह को ग्रामीण इकाई में जिला सचिव के पद से नवाजा था।
अगले दिन ‘अमर उजाला’ ने ‘सपा का सचिव कौन, डॉन, डॉन, डॉन’ हेडिंग से खुलासा किया कि मनोज सिंह तो बर्रा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और 20 दिन पहले ही बलात्कार के मामले में जेल से छूटा है।
गंभीर धाराओं में उसके खिलाफ 16 मुकदमे तो सिर्फ बर्रा थाने में ही दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे हैं।
‘अमर उजाला’ में मामले का खुलासा होने के बाद आनन-फानन शनिवार को सपा ग्रामीण इकाई की बैठक की गई जिसमें पदाधिकारियों ने हिस्ट्रीशीटर को पदाधिकारी बनाने की निंदा की।
जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने मनोज सिंह के हिस्ट्रीशीटर होने की बात से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए मामले की जांच महासचिव विनोद कुमार प्रजापति और रवि प्रताप सिंह को सौंपी और दो दिन में रिपोर्ट मांगी।
जांच शुरू होती कि इससे पहले एक और खुलासा हो गया कि महासचिव विनोद कुमार प्रजापति खुद भी बर्रा थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। इनकी हिस्ट्रीशीट 25 फरवरी 2010 को खोली गई। हिस्ट्रीशीट संख्या 2330-ए है।
इनका घर बर्रा के दामोदर नगर में है। पुलिस की मानें तो एक बार विनोद की कुर्की का भी आदेश हुआ था। कुर्की चस्पा होने के बाद भी इन्हें घर से सामान निकालते रंगे हाथ पकड़ा भी गया था।
इनकी हिस्ट्रीशीट में लिखा हुआ है कि यह शख्स विकास प्राधिकरण की संपत्ति पर फर्जी प्रपत्र तैयार करके कब्जा करने का आदी है। अब सपाइयों को कोई जवाब नहीं सूझ रहा है।
दो नेताओं से इस बारे में बात की गई तो दोनो बोले, हमे इस मामले में मत घसीटिए। मामला ऊपर तक पहुंच चुका है। जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा।
जिम्मेदार का ब्यान
मनोज सिंह की जांच हमें और रवि प्रताप सिंह को सौंपी गई है। अभी जांच नहीं कर पाए हैं। साक्ष्य मांगे गए हैं। जिसने आरोप लगाया है, उससे भी साक्ष्य मांगा गया है। कौन मुकदमे खत्म हैं, कौन चल रहे हैं, यह जांच करेंगे।
मेरी हिस्ट्रीशीट है लेकिन बसपा सरकार के लोगों ने राजनीतिक विद्वेष से मेरे खिलाफ झूठी एफआईआर कराई हैं। कोर्ट से मेरे पास फरदर प्रोसीडिंग स्टे भी है।
-विनोद कुमार प्रजापति, महासचिव, सपा ग्रामीण