कानपुर। केस्को शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधारने का प्रयास कर रहा है। जुलाई 2025 में शुरू हुआ यह कार्य जुलाई 2027 तक पूरा होना है। 15 माह बाद भी केस्को 10 फीसदी उपकरण भी नहीं लगा पाया है।
फाॅल्ट को छोटे क्षेत्र तक सीमित करने के लिए 163 सेक्शनलाइजर लगाए जाने थे पर अब तक केवल 13 ही लग पाए हैं। इस कारण एक खंभे पर फाल्ट होने से पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। सेक्शनलाइजर केवल फाॅल्ट वाले क्षेत्र की बिजली काटता है बाकी जगह आपूर्ति जारी रखता है। 1238 फीडर रिमोट टर्मिनल यूनिट (एफआरटीयू) में से सिर्फ 304 ही लगाए जा सके हैं। एफआरटीयू वोल्टेज, करंट और पावर फैक्टर जैसे डाटा पर नजर रखकर खराबी का सटीक स्थान पता लगाने में मदद करता है। 818 रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) में से 230 ही लग पाए हैं। आरएमयू बिजली लाइनों को लूप नेटवर्क में जोड़ता है जिससे फाल्ट होने पर दूसरे रास्ते से आपूर्ति चालू रहती है।
7 न्यूमेरिकल रिले लगाने का काम जारी
केस्को को 257 ऑटो रिक्लोजर भी लगाने हैं। 660 न्यूमेरिकल रिले और 92 रिमोट टर्मिनल यूनिट (आरटीयू) भी लगाए जाने हैं पर अभी एक भी नहीं लगा। हालांकि, 7 न्यूमेरिकल रिले लगाने का काम जारी है। न्यूमेरिकल रिले शॉर्ट सर्किट, ओवरलोड पहचानकर सिस्टम सुरक्षित करता है, वहीं आरटीयू बिजली वितरण नेटवर्क की डिजिटल निगरानी करेगा।
कोट:
बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है, कई जगह उपकरण लग गए हैं जबकि इनमें शामिल 400 से ज्यादा उपकरण को लगाने का काम जारी है। तय समय में काम पूरा कर लिया जाएगा। - देवेंद्र कुमार वर्मा, केस्को ओएसडी