फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: जिस घर में सुयोग्य और संस्कारवान संतान, वही स्वर्ग के समान

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। जिस घर में सुयोग्य और संस्कारवान संतान होती है वह घर स्वर्ग के समान होता है। माता-पिता के पुण्य से ऐसी संतान होती है। सिर्फ विद्या प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है बल्कि जीवन में संस्कारों का होना आवश्यक है क्योंकि संस्कार ही वह आधार हैं जिस पर समाज और धर्म की नींव टिकी है। यह विचार शनिवार को मोतीझील लॉन में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने व्यक्त किए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि भक्ति मीराबाई जैसी होनी चाहिए। अडिग, निष्कपट और पूर्ण समर्पण से भरी हुई। मीराबाई ने भक्ति का वह आदर्श स्थापित किया जो आज भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संसार की परवाह नहीं की क्योंकि उनके लिए श्रीकृष्ण प्रेम ही सत्य था। परिवार और समाज ने उनके मार्ग में बाधाएं डालीं लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं डगमगाया। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि इस जगत में पर्वत, नदियां, वृक्ष, पशु-पक्षी सब मेरे ही अंश हैं लेकिन इनमें मुझे सबसे अधिक प्रिय मानव है क्योंकि उसी में भक्ति करने की शक्ति है। प्रेम करने की क्षमता है और आत्मज्ञान प्राप्त करने की बुद्धि है।
उन्होंने कहा कि जिस पर भगवान की असीम कृपा होती है उसे ही श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य मिलता है। जो व्यक्ति श्रद्धा, प्रेम और भक्तिभाव से कथा सुनता है उसके जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दौरान महापौर प्रमिला पांडे, गोविंदनगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया। रविवार को तीसरे दिन दोपहर ढाई से शाम छह बजे कथा होगी। यहां पर शिव प्रकाश गुप्ता (पुन्नी भइया), जयमाला सिंह, प्रभा शकर वर्मा, पूनम पांडेय, विपिन बापजेई, डाॅ. यूपी सिंह, राम विनय यादव, सतीश गुप्ता, अजय मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव, नीरज वर्मा, रानी अवस्थी, वीरेंद्र गुप्ता, नीलम सेंगर, माया सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें