कानपुर देहात। बेहमई मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के सहायक शासकीय अधिवक्ता के आकस्मिक निधन पर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस कारण से मामले की सुनवाई टल गई। अब अदालत ने मामले की सुनवाई को 30 अक्तूबर की तिथि नियत की है।
बेहमई गांव में 14 फरवरी 1981 को दस्यु फूलन देवी ने सामूहिक नरसंहार की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें 20 लोगों को मौत हो गई थी। वहीं छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में गांव के ही वादी राजाराम ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। पूर्व तिथि पर बचाव पक्ष ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए बहस की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि बुधवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता के आकस्मिक निधन पर अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई टल गई। अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए 30 अक्तूबर की तिथि नियत की है। इस दौरान आरोपी श्याम बाबू व विश्वनाथ कोर्ट में उपस्थित रहे।