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आंकड़ों के खेल में पस्त हुई मुद्रा योजना

Tue, 29 Mar 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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इराकी सेंट्रल बैैंक - फोटो : द रिचेस्ट
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प्रदीप अवस्थी
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कानपुर। 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का लोन लेकर खुद का व्यवसाय शुरू करने या पहले से चालू व्यवसाय को समृद्ध करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई मुद्रा बैंक योजना बैंक अधिकारियों की आंकड़ेबाजी के आगे पस्त हो गई है। भारी भरकम आंकड़ों को देखकर लगता है कि बैंकों ने मुद्रा योजना के तहत खजाना लुटा दिया लेकिन हकीकत यह है कि इस योजना में सिर्फ 50 हजार रुपये तक के लोन ही अधिक दिए गए हैं। अमर उजाला अपनी पड़ताल में पहले ही बता चुका है कि योजना किस तरह से औद्योगिक शहर में दम तोड़ रही है।
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तरुण श्रेणी में 70 का भी आंकड़ा पार नहीं
योजना के शुरू होने से अब तक इस श्रेणी में कोई भी बैंक 70 से अधिक का आंकड़ा पार नहीं कर सका। दरअसल पांच से 10 लाख रुपये तक के लोन देने से बैंक कतरा रहे हैं। जिले में 29 फरवरी तक सभी बैंकों ने कुल 240 लोगों को (14.49 करोड़ रुपये) ही तरुण श्रेणी में लोन दिया है। बैंकों का मानना है कि लोन की वसूली न होने की स्थिति में उनके पास एक्शन लेने का विकल्प नहीं है, क्योंकि लोन लेने वाले की गारंटी खुद सरकार ने ली है।
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लोन के प्रकार      शिशु         किशोर              तरुण
प्रमुख बैंक     खाते     लोन      खाते     लोन     खाते      लोन
बैंक ऑफ बड़ौदा       3875        801       538        802      42          275      
इलाहाबाद बैंक         1149        148    323        556      68         380
पंजाब नेशनल बैंक       603         146         128        86        18    67  
बैंक ऑफ इंडिया         519         98          78          69        19    88
आआरबी                 718         98          11         23        7    61
यूनियन बैंक              257         102         143     266          16    106
यूको बैंक                 368         129         112         204          49    315  
विजय बैंक            127         61    9            14        2    9.5
सिंडीकेट बैंक              94    21           53          48           0    0   
*(यह आंकड़ा 8 अप्रैल 2015 से 29 फरवरी 2016 तक का है। लोन लाख रुपये में।)
 
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