शहर में प्रदेश का पहला टेक्निकल ट्रूेनिंग सेंटर (टूल रूम) स्थापित होगा। इससे कानपुर सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षित कर्मचारी मिलेंगे तो कई हजार लोगों को एक साथ तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा प्राप्त होगी।
इस संबंध में सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी की केंद्रीय औद्योगिक मंत्रालय के कैबिनेट सचिव से हुई वार्ता के बाद इसे हरी झंडी दे दी गई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों के लिए ट्रेंड कामगारों की प्रदेश में लंबे समय से डिमांड है।
ट्रेंड कामगार कम होने की वजह से न तो इन इकाइयों में बेहतर उत्पादन हो पा रहा है और न ही कामगारों को अच्छा वेतन मिल पा रहा है। टूल रूम खुल जाने से यह दोनों समस्याएं समाप्त हो जाएंगी। इतना ही नहीं जो लोग अपना उद्यम लगाने के इच्छुक हैं, उन्हें भी सहायता मिलेगी।
टूल रूम को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई ठोस पहल धरातल पर नहीं आ पा रही थी। डा. जोशी ने कैबिनेट सचिव से प्रस्ताव मंजूर करवाने के बाद बुधवार को टूल रूम के लिए जमीन के संबंध में जिलाधिकारी डा. रोशन जैकब से बात की।
डीएम से उन्होंने 80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को कहा है। यह टूल रूम एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मीडियम उद्यम) के तहत संचालित किया जाएगा।
कानपुर औद्योगिक इकाइयों का हब है। इस संबंध में केंद्रीय औद्योगिक मंत्रालय के कैबिनेट सचिव के साथ हुई कई दौर की बात के बाद टूल रूम स्थापित करने का प्रस्ताव पास हो गया है।
हमने जिलाधिकारी से जमीन देने को कहा है। इस सेंटर के बन जाने से औद्योगिक इकाइयों में ट्रेंड कर्मचारियों की बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।
डा. मुरली मनोहर जोशी, सांसद, कानपुर नगर