कानपुर देहात। जनपद में आयोजित होने वाले पारंपरिक दशहरा मेला इस बार सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिहाज से पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगा। दो दिवसीय यह डायवर्जन पर्वों के दौरान काफी हद तक कारगर साबित हुआ लेकिन अब स्थिति यह है कि दशहरा मेला आगामी करवाचौथ तक निरंतर जारी रहना है।
त्योहारी सीजन के मद्देनजर यातायात पुलिस की तरफ से दुर्गा नवमी, मूर्ति विसर्जन और विजयादशमी (दशहरा) को सकुशल और निर्बाध रूप से संपन्न कराने के लिए नगर क्षेत्र में गत 19 व 20 अक्तूबर को भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी और रूट डायवर्जन लागू किया गया था। मेले में उमड़ रही भीड़ और नगर के मुख्य मार्गों पर बढ़ता दबाव पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना एक गंभीर चुनौती बन रहा है।
स्थानीय बाजारों और मेला परिसर के आसपास उमड़ने वाली भीड़ के बीच से बेधड़क गुजर रहे व्यावसायिक वाहन स्थिति को और अधिक विकट बना रहे हैं। अकबरपुर में मेले से होकर गुजरने वाली भीड़ के बीच से ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन आम बात हो गई है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। पैदल चलने वाले लोगों खासकर महिलाओं और बच्चों को इन भारी वाहनों के बीच से निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
................
दिन में ठीक, रात में बढ़ जाती समस्या
नगर में चल रहे दशहरा मेले में दिन में तो भीड़ नहीं होती है लेकिन शाम होते ही लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। जबकि रात करीब 10 से 11 बजे के बीच वापसी करने वाले लोग हाईवे से पैदल ही निकलते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार से निकलने वाले वाहनों की चपेट में आने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। पुलिस प्रशासन ने मेले में वाहनों के प्रवेश पर तो रोक लगा रखी है लेकिन हाईवे पर व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
....................
बयान.....
दुर्गा नवमी, मूर्ति विसर्जन और दशहरा को सकुशल संपन्न कराने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई थी। मेले में किसी भी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके लिए बैरिकेडिंग कर यातायात पुलिस को तैनात किया गया है। हाईवे से होकर निकलने वाले वाहनों के लिए समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। - विनय कुमार सिंह, सीओ, यातायात