जिला जज इफाकत अली खान की कोर्ट में ज्योति मर्डर केस में क्रिमिनल रिवीजन की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने एतराज दाखिल करने को समय मांगा। अब इसकी सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान जेल से ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को कोर्ट लाया गया। मनीषा मखीजा, पीयूष के चचेरे भाई मुकेश और कमलेश भी कोर्ट में पेश हुए।
पीयूष के पिता ओम प्रकाश और मां पूनम की हाजिरी माफी लगाई गई थी। विशेष अभियोजक दामोदर मिश्र और शासकीय अधिवक्ता धर्म पाल सिंह ने बताया कि पीयूष के पास से फर्जी नाम से लिया गया सिम बरामद हुआ था।
इसी सिम के जरिए उसकी मनीषा से बात होती थी। पुलिस ने विवेचना में कहा था कि यह सिम बांदा के एक गांव के शंकर के नाम से लिया गया था। उस गांव में इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला।
प्रधान के बयान पुलिस ने लगाए थे। यह मामला एसीएमएम 3 में चल रहा था। अभियोजन ने कोर्ट में कहा था कि हत्या का मामला है। इसलिए जिला जज कोर्ट में सुनवाई हो। एसीएमएम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसका रिवीजन जिला जज कोर्ट में दाखिल हुआ था। मंगलवार को इसी पर सुनवाई थी।