दबौली के एक मकान में सोमवार को संदिग्ध हालात में ज्योति (25) की लाश मिली। मकान मालिक ने सबसे पहले युवती का शव कमरे में पड़ा देखा। उसके चेहरे पर रजाई थी। नाक और मुंह से खून निकल रहा था।
मकान मालिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की तो कमरे में एक कॉपी मिली जिसमें किसी गंभीर बीमारी का जिक्र है। युवती कहां की रहने वाली है, यहां क्या करती थी ये अनसुलझे सवाल पुलिस के लिए चुनौती हैं। युवती की छाती पर नीले निशान मिले और गले में स्टोल लिपटा था। उसकी हत्या की गई या फिर उसकी साधारण मौत हुई इसका भी खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है।
मकान मालिक विजय सिंह ने पुलिस को बताया कि ज्योति पहले भी उनके मकान के इसी कमरे में ढाई साल रह चुकी है। पिछली मर्तबा दिसंबर 14 में उसने कमरा खाली किया था, वह कहां से आती थी, और कहां जाती थी, इस बारे में न तो कभी उन्होंने पूछा और न ही ज्योति ने कभी कुछ बताया।
सीओ का कहना है कि किराएदारों से भी पूछताछ में यही पता चला है कि ज्योति अकेले ही रहती थी, किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करती थी।
पुलिस को कमरे से एक कॉपी मिली है जिसके 34 पन्नों में ज्योति ने अपनी किसी गंभीर बीमारी का जिक्र किया है। कॉपी के हरेक पन्ने पर बढ़ती बीमारी के साथ मौत के एहसास का जिक्र करते हुए अपनों से दूर रहने की बातें लिखीं गई हैं।
कॉपी में यह भी लिखा है कि वह कहां है, और क्या कर रही है, यह भी घरवालों को नहीं पता। इसके अलावा भगवान से भी नाराजगी जताई गई है। कॉपी में लिखा है कि मेरा अंतिम संस्कार यह मानकर किया जाए कि मेरा अपना कोई नहीं है।